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हिमाचल प्रदेश में सहारा योजना के तहत मरीजों को 10 माह से नहीं मिली राहत राशि, 36 हजार लाभार्थी प्रभावित

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / सोलन

हिमाचल प्रदेश में सहारा योजना के तहत गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मिलने वाली मासिक 3,000 रुपये की राहत राशि जुलाई 2025 से बंद है। करीब 36 हजार लाभार्थी 10 माह से सहायता राशि का इंतजार कर रहे हैं, जिससे मरीजों को इलाज में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सोलन

सहारा योजना की वर्तमान स्थिति

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को आर्थिक सहायता देने के लिए चलाई जा रही सहारा योजना के तहत मिलने वाली मासिक राहत राशि पिछले कई महीनों से बंद है। इस योजना के तहत पात्र मरीजों को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है, जिससे उन्हें इलाज और दवाइयों के खर्च में राहत मिलती है। लेकिन जुलाई 2025 के बाद से यह भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण लाभार्थियों को लगातार वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उपचार की लागत स्वयं वहन करनी पड़ रही है।

लाभार्थियों पर प्रभाव और स्थिति

प्रदेशभर में इस योजना के लगभग 36,000 लाभार्थी शामिल हैं, जिनमें कैंसर, लकवा, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और क्रोनिक रीनल फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज शामिल हैं। राहत राशि बंद होने के बाद मरीजों पर इलाज का पूरा खर्च आ गया है, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। पहले इस योजना से मरीजों को दवाइयों और नियमित उपचार में कुछ हद तक राहत मिलती थी, लेकिन अब लगातार देरी के कारण उनकी चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही है और उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।

प्रशासनिक प्रक्रिया और शिकायतें

सहारा योजना की राशि न मिलने को लेकर कई लाभार्थियों ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों के पास शिकायतें दर्ज करवाई हैं। मरीजों और उनके परिजनों को कई बार अस्पतालों और विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। अधिकतर मामलों में केवल बजट की अनुपलब्धता या प्रक्रिया में देरी का हवाला दिया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

सरकारी स्थिति और आगे की प्रक्रिया

स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के अनुसार सहारा योजना को पुनः सुचारू करने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र से फंडिंग में देरी और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी न होने जैसे कारणों से भुगतान प्रभावित हुआ है। सरकार का कहना है कि आगामी समय में लंबित भुगतान जारी किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को राहत राशि उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।