वन भूमि पर कब्जे के मामले में की कार्यवाही
HNN/नाहन
सिरमौर जिला के विकासखंड के नाहन के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मातर के उप प्रधान को सरकारी वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किए जाने के मामले में पद से हटाकर अयोग्य घोषित कर दिया गया है। ग्राम पंचायत मातर के उप प्रधान लियाकत अली को हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 146(1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से उप प्रधान पद से हटा दिया गया है।
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उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 131 (2) के अंतर्गत ग्राम पंचायत मातर के उप प्रधान पद को रिक्त घोषित किया गया है। पंचायत के वर्तमान उप प्रधान लियाकत अली को 6 वर्ष की अवधि के लिए उक्त अधिनियम की धारा 146(2) के अंतर्गत पंचायत के पदाधिकारी के रूप में निर्वाचित होने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
जानकारी के मुताबिक इस मामले में नाहन शहर के ढाबों मोहल्ला निवासी दिनेश कुमार चौहान ने 23 अक्टूबर 2021 को पंचायत के उप प्रधान लियाकत अली पुत्र आलमगीर के खिलाफ वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन करने के दृष्टिगत कार्यवाही किए जाने की शिकायत उपायुक्त सिरमौर को दी थी। शिकायतकर्ता द्वारा इस मामले में संबंधित वन विभाग तथा नायब तहसीलदार वन वृत्त नाहन से संबंधित वांछित रिकार्ड लिया गया था।
इस मामले में जिला पंचायत अधिकारी सिरमौर द्वारा शिकायत 16 दिसंबर 2021 को मामले की छानबीन के बाद 28 मई 2022 को इसकी पूरी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी थी तथा रिपोर्ट में पाया गया था कि वन मंडल अधिकारी नाहन द्वारा 5 अप्रैल 2022 को लियाकत अली पुत्र आलमगीर उप प्रधान ग्राम पंचायत मातर विकासखंड नाहन के द्वारा सरकारी भूमि पर खसरा नंबर 170/83 मौजा भेड़ों पर अवैध कब्जा किया गया था।
इस अवैध कब्जे को 27 दिसंबर 2021 को लियाकत अली द्वारा खाली कर दिया गया था। जिसे लियाकत अली उप प्रधान ग्राम पंचायत मातर द्वारा अपने बयान में भी स्वीकार किया गया था। जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 122(1) के प्रावधान के अनुसार कोई व्यक्ति पंचायत पदाधिकारी चुने जाने या होने के लिए निहित होगा यदि उसने या उसके परिवार के किन्हीं सदस्यों ने राज्य सरकार नगर पालिका पंचायत या सहकारी समिति या पेट पर ली गई अधिकृत किसी भूमिका अतिक्रमण किया है।
जिला पंचायत अधिकारी की रिपोर्ट में उप प्रधान ग्राम पंचायत मातर लियाकत अली वन भूमि पर अवैध कब्जा करने के दोषी पाए गए थे। इस सिलसिले में पंचायत के उप प्रधान को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया था। पंचायत के उप प्रधान द्वारा जो जवाब दिया गया था वह संतोषजनक नहीं था। जिस पर प्रशासन की ओर से पंचायत उप प्रधान को बार-बार नोटिस जारी किए गए परंतु पंचायत प्रधान ने दिए गए बयानों पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया था।
इसके दृष्टिगत लियाकत अली ग्राम पंचायत मातर के उप प्रधान द्वारा सरकारी भूमि खसरा नंबर 170/83 मौजा भेड़ों पर अवैध कब्जा पाया जाना सिद्ध हो गया था। जिस कारण उपप्रधान पद पर बने रहने के लिए उन्हें अयोग्य घोषित किया गया। उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने लियाकत अली को यह भी आदेश जारी किए हैं कि यदि उनके पास ग्राम पंचायत मातर की कोई चल या अचल संपत्ति हो तो तुरंत ग्राम पंचायत में उसे जमा करवाई जाए।
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