तापमान में लगातार गिरावट और घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ऊना ने नागरिकों की सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिए आवश्यक सावधानियों की एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
शीतलहर और कोहरे के असर को लेकर प्रशासन सतर्क
जिला प्रशासन ऊना ने घने कोहरे और शीतलहर के दृष्टिगत जनहित में एडवाइजरी जारी की है। इसके माध्यम से बढ़ती ठंड और धुंध के चलते आमजन से स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर आवश्यक सावधानियां अपनाने का आग्रह किया गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि तापमान में लगातार गिरावट के कारण आने वाले दिनों में शीतलहर और कोहरे का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है।
यातायात के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील
उपायुक्त ने वाहन चालकों से अपील की है कि घने कोहरे के दौरान वाहन धीमी गति से चलाएं और गति नियंत्रित रखें ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि वाहन की लाइट को लो-बीम पर रखें तथा दृश्यता कम होने की स्थिति में फॉग लाइट का प्रयोग करें। वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखें और सड़क पर बनी पेंट की गई लाइनों को मार्गदर्शक के रूप में उपयोग करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग और तेज आवाज में संगीत सुनने से बचने की सलाह दी गई है।
शीतलहर से बचाव के लिए जरूरी उपाय बताए
एडवाइजरी में जिला वासियों से आग्रह किया गया है कि शीतलहर के दौरान यथासंभव घर के भीतर ही रहें। बाहर निकलते समय सिर, कान, हाथ, पैर और नाक को अच्छी तरह ढक कर रखें। रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम पूर्वानुमान की जानकारी लेते रहें। कई परतों वाले ऊनी कपड़े पहनें और शरीर को गर्म रखने के लिए पौष्टिक आहार व गर्म पेय का सेवन करें। हीटर, कोयले की अंगीठी या केरोसिन का उपयोग करते समय कमरे में उचित वेंटिलेशन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य लक्षणों पर तुरंत ध्यान देने की सलाह
उपायुक्त ने बताया कि शरीर के अंगों का सुन्न होना, हाथ-पैर की उंगलियों, कान या नाक पर सफेद अथवा पीले दाग दिखना शीतदंश के लक्षण हो सकते हैं। अत्यधिक ठिठुरन, सुस्ती, थकान, स्मृति कमजोर होना या तुतलाना हाइपोथर्मिया के संकेत हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
दिशा-निर्देशों के पालन की अपील
उपायुक्त ने सभी नागरिकों से मौसम की गंभीरता को समझते हुए सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

