HNN / शिमला
हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम दिन-प्रतिदिन घाटे में जा रहा है। ऐसे में 1,350 करोड़ के घाटे से फिर उबरने के लिए अब हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम घाटे वाले 1,000 रूटों पर बड़ी बसें बंद करने की तैयारी में है। इन रूटों पर छोटे इलेक्ट्रिक वाहन चलेंगे, ताकि निगम का घाटा कम हो और लोगों को यात्रा सुविधा भी मिले।
यह बात उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने एचआरटीसी मुख्यालय में निगम की कार्यप्रणाली को लेकर अधिकारियों की पहली समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि पहले चरण में जनजातीय क्षेत्रों के घाटे वाले रूटों में छोटे इलेक्ट्रिक वाहन चलाए जाएंगे। बता दे कि निगम के बेड़े में 3,500 बसें हैं और ये करीब 3,700 रूटों पर चल रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार निगम के 95 फीसदी रूट घाटे में चल रहे हैं। इसका प्रमुख कारण यही बताया जा रहा है कि निगम की बसें ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के कच्चे रूटों में चलाई जाती हैं। निगम की बस अगर 40 रुपये प्रति किलोमीटर की कमाई करती है तो उसे फायदे वाला रूट माना जाता है।

