घुमारवीं सिविल अस्पताल में दो जटिल सिजेरियन प्रसव सफल, राजेश धर्माणी ने डॉक्टर–स्टाफ को किया सम्मानित
घुमारवीं अस्पताल में पहली बार कठिन सिजेरियन सफलतापूर्वक कर मरीजों को सुरक्षित जीवनदान मिला। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने टीम की उपलब्धि को स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी प्रगति बताया।
घुमारवीं (बिलासपुर)
पहली बार दो जटिल सी–सेक्शन सफल, टीम को बधाई
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं सिविल अस्पताल में पहली बार सफलतापूर्वक किए गए दो जटिल सिजेरियन प्रसवों पर चिकित्सा टीम को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में डॉ. अनुपम शर्मा, डॉ. अभिनव गौतम, डॉ. दीपक, तकनीकी स्टाफ उमेश, पूजा, अंकुश तथा वार्ड स्टाफ सीता और रमा शामिल रहे। मंत्री ने कहा कि अत्यंत जटिल परिस्थितियों में सुरक्षित प्रसव कर अस्पताल की टीम ने मजबूत स्वास्थ्य क्षमता का प्रमाण दिया है।
स्वास्थ्य ढांचे को जिला स्तर तक मजबूत बनाने पर जोर
धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तीव्र गति से जारी है। उपमंडल अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि लोगों को बेहतर उपचार घर के निकट मिल सके। उन्होंने बताया कि शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जा चुकी है जिसे अन्य मेडिकल संस्थानों में भी विस्तारित किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं प्राथमिक लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रमुख उद्देश्य गांव–स्तर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाना है। सिविल अस्पतालों को सुदृढ़ कर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं ताकि प्रसूति और गंभीर चिकित्सा मामलों में मरीजों को दूर न जाना पड़े। घुमारवीं व संपूर्ण बिलासपुर जिला में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को चरणबद्ध रूप से मजबूत किया जा रहा है।