चंडीगढ़-मनाली मार्ग पर औहर के पास रूकमणी कुंड से संचालित प्याऊ बनेगा मिसाल
बिलासपुर जिले में चंडीगढ़-मनाली फोरलेन से गुजरने वाले लाखों पर्यटकों और राहगीरों के लिए औहर के पास स्थापित नया प्याऊ श्रद्धा, शुद्धता और आधुनिक तकनीक का प्रतीक बनकर सामने आ रहा है। नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी की पहल पर जल शक्ति विभाग घुमारवीं उपमंडल ने इस प्याऊ की स्थापना की है, जिसका उद्घाटन शीघ्र किया जाएगा।
बिलासपुर
पवित्र रूकमणी कुंड से लाया जा रहा जल
यहां यात्रियों को उपलब्ध पेयजल बिलासपुर जिले के पौराणिक और पवित्र रूकमणी कुंड से लाया जाता है। आधुनिक तकनीक से यूवी ट्रीटमेंट द्वारा शुद्ध किए गए इस जल की गुणवत्ता स्थल पर लगी स्क्रीन पर रीयल टाइम में प्रदर्शित होगी, जिससे लोग इसकी शुद्धता देख पाएंगे।
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक
मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि यह प्याऊ केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति से जोड़ने वाला एक माध्यम है। इस पहल से आने वाली पीढ़ियां हमारी धरोहर को पहचानेंगी और जल संरक्षण का महत्व भी समझेंगी। प्याऊ स्थल पर बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है, जिस पर जल शक्ति विभाग और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित होगी।
जल संरक्षण का संदेश
उन्होंने कहा कि जल जीवन का आधार है और इसका संरक्षण हर नागरिक का कर्तव्य है। औहर का यह प्याऊ केवल जल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज को संरक्षण, आस्था और संस्कृति का गहरा संदेश भी देगा।
प्राकृतिक सुंदरता और आस्था का केंद्र रूकमणी कुंड
बिलासपुर का रूकमणी कुंड प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। यहां का जल औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है और त्वचा रोगों में लाभकारी माना जाता है। लोककथाओं के अनुसार, रूकमणी नामक महिला के बलिदान के फलस्वरूप इस स्थान से जलधारा फूटी थी, जिसने पूरे क्षेत्र की प्यास बुझाई और इसे श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना दिया।