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चूड़धार के चाबधार तक निर्माणाधीन सड़क पर लग गई अब रोक

PARUL • 28 Oct 2023 • 1 Min Read

वन महकमें ने लोक निर्माण विभाग से कहा पहले करें निर्माणाधीन सड़क के आगे की स्थिति स्पष्ट

HNN/नाहन

शिमला, सिरमौर के आराध्य देव भगवान श्री चूड़ेश्वर जी के लिए बनाई जा रही सड़क के निर्माण पर फिलहाल रोक लग गई है। यह सड़क नौहराधार से चूड़धार के लिए चाबधार तक निर्माणाधीन थी। इस सड़क के आगे के आठ किलोमीटर निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश जारी हुए हैं। इसे लेकर वन्य प्राणी विभाग शिमला ने लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर नोटिस जारी किया है।

भेजे गए नोटिस के अनुसार विभाग को इस बारे स्थिति स्पष्ट करने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा गया है। हालांकि यहां यह भी बताना जरूरी है कि सड़क का निर्माण कार्य अभी वन्य जीव अभ्यारण क्षेत्र से डेढ़ किलोमीटर दूर है। तो वही लोक निर्माण विभाग ने चाबधार तक 6 किलोमीटर सड़क बना चुका है।

बताया जा रहा है कि इससे आगे का सड़क निर्माण कार्य ईको सेंसटिव जोन में आ रहा है। अभ्यारण नियम के मुताबिक वन्यजीव क्षेत्र में 10 किलोमीटर के रेडियस में इस तरह की गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया जा सकता। लिहाजा, वन्य प्राणी विभाग शिमला ने लोक निर्माण विभाग को इस कार्य को रोकने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि इससे आगे सड़क निर्माण के लिए स्थिति साफ करे।

इसके लिए लोक निर्माण विभाग को कागजी कार्यवाही पूरी करनी होगी। तब तक सड़क कार्य आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। बता दें कि आठ करोड़ रुपए की लागत से आठ किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। पिछले डेढ़ दो साल से इसका निर्माण कार्य चल रहा है। चाबधार तक लगभग सड़क बन गई है।

इससे आगे का निर्माण के लिए अब लोक निर्माण विभाग को स्थिति साफ करने के लिए वन्य प्राणी विभाग ने स्थिति साफ करने के निर्देश जारी किए हैं। डीएफओ वन्य प्राणी विभाग शिमला रविशंकर शर्मा ने लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ये सड़क ईको सेंसटिव जोन में आ रही है। इसको लेकर विभाग से स्थिति साफ करने का आग्रह किया है।

उधर, अधिशासी अभियंता राकेश खंडूजा ने बताया कि फिलहाल सड़क निर्माण रोक दिया है। आगे सड़क निर्माण को लेकर विभागीय जानकारी जुटाई जाएगी। बता दें कि यह एक ऐसा तीर्थ स्थल है जहां पर न केवल सिरमौर बल्कि शिमला के जुबल, चौपाल, कोटखाई आदि जगहों से भी भारी संख्या में अपने आराध्य देव चूड़ेश्वर महाराज जिन्हें भगवान शिव का रूप भी कहा जाता है उनके दर्शन करने आते हैं।

इस शिवस्थल तक जाने के लिए सबसे सरल मार्ग नौहराधार से शुरू होता है मगर यह रास्ता करीब 19 किलोमीटर का पैदल है। इस पैदल मार्ग की कुछ दूरी कम करते हुए इसे चाबधार तक बनाया जाना सुनिश्चित हुआ था।