चूड़धार में चट्टानों के बीच रास्ता भटका चंडीगढ़ का श्रद्धालु, रात डेढ़ बजे रेस्क्यू
HNN/हरिपुरधार
जिला सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में चंडीगढ़ का एक श्रद्धालु अचानक रास्ता भटक गया, जहां कई घंटों तक वह चूड़धार चोटी के ठीक नीचे बड़ी चट्टानों के बीच भटकता रहा। जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ निवासी अंकुश अपने साथी सतविंदर सूद निवासी सोलन के साथ चूड़धार यात्रा पर जा रहा था।
नौहराधार से पैदल यात्रा के दौरान तीसरी नामक स्थान पर अंकुश अपने साथी से पीछे रह गया। सतविंदर को लगा कि अंकुश उसके पीछे ही आराम से आ रहा होगा। इस बीच सतविंदर चूड़धार पहुंच गया, यहां लंबा इंतजार करने के बाद भी जब अंकुश चूड़धार नहीं पहुंचा तो वह चिंतित हो गया।
रात करीब 9:00 बजे कड़ी मशक्कत के बाद सतविंदर का अंकुश से फोन पर संपर्क हुआ। उसने बताया कि वह रास्ता भटक चुका है और कहीं दूर जंगल में बड़ी-बड़ी चट्टानों के बीच फंस गया है। इसकी सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी दी गई, जिस पर थाना चौपाल की ओर से लापता अंकुश की मोबाइल लोकेशन चूड़धार में ड्यूटी पर तैनात आरक्षी अखिल को उपलब्ध करवाई गई।
आरक्षी अखिल कुमार तुरंत सतविंदर के साथ अंकुश की तलाश करने के निकल पड़े। आरक्षी अखिल व सतविंदर ने कई घंटे अंकुश को तलाशने के प्रयास किए, मगर उससे संपर्क नहीं हो सका। रात को जंगल में उसे आवाजें लगाकर पुकारा, फिर भी उसका कोई सुराग नहीं लगा।
काफी समय तक तलाशने के बाद आरक्षी अखिल ने जब भोले शंकर का जयकारा लगाया तो जंगल से अंकुश के जयकारे की आवाज आई। उसकी आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंच गए। इसके बाद अंकुश को बड़ी मुश्किल से जंगल के रास्ते से रात करीब डेढ़ बजे चूड़धार पहुंचाया गया।
इसके लिए अंकुश ने चूड़ेश्वर सेवा समिति व पुलिस के जवान का आभार जताया। उधर, चूडेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने कहा कि कोई भी यात्री खराब मौसम और देर शाम को यात्रा पर न निकले। घना जंगल होने के चलते लोग अकसर यहां रास्ता भटक जाते हैं।