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चूड़ेश्वर मंदिर में 11 अक्तूबर को होगा प्राण प्रतिष्ठा एवं शांत महायज्ञ

Ankita • 23 Jul 2024 • 1 Min Read

महायज्ञ कार्यक्रम में 50,000 श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

HNN/ शिमला

चूड़धार चोटी पर ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान की तैयारियां शुरू हो गई है। चूड़ेश्वर मंदिर में 11 अक्टूबर को प्राण प्रतिष्ठा एवं शांत महायज्ञ का आयोजन हो रहा है। इसे लेकर डीसी शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में रोजना हॉल में चूड़ेश्वर मंदिर समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जहां इस भव्य अनुष्ठान के आयोजन बारे विस्तृत चर्चा हुई।

उपायुक्त ने कहा कि कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए सभी को समन्वय स्थापित कर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि आयोजन का सफल समापन हो सके और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा एवं शांत महायज्ञ कार्यक्रम में जिला शिमला, सिरमौर और सोलन के साथ उत्तराखंड राज्य से लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। लिहाजा, उनके रहने-सहने और खाने-पीने के इंतज़ाम करने की आवश्यकता है।

उपायुक्त ने उपमंडलाधिकारी चौपाल को कार्यक्रम के आयोजन से संबंधी सारी व्यवस्थाओं का पूर्व आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन से संबंधित अगली बैठक चौपाल में इसी माह के अंत तक आयोजित की जाएगी, जिसमें जिला सोलन, सिरमौर के प्रशासन को भी बुलाया जाएगा, ताकि कार्यक्रम की एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा सके।

कुरड़ लगाकर संपन्न होगा मंदिर निर्माण कार्य
उपायुक्त ने कहा कि 11 अक्टूबर को आयोजित होने वाले प्राण प्रतिष्ठा एवं शांत महायज्ञ कार्यक्रम के दौरान मंदिर में कुरड़ लगाई जाएगी। इसके साथ ही मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में जिला सिरमौर, सोलन और शिमला से देवता भी अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे।

कालाबाग में बनेगा बेस कैंप
जिला शिमला के सराहां और तराहां वाले रास्ते से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने और टेंट की व्यवस्था कालाबाग में की जाएगी, जो मुख्य मंदिर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर सिरमौर के नौहराधार से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जल्द ही जिला प्रशासन सिरमौर के साथ बैठक का आयोजन किया जाएगा।

प्लास्टिक सामग्री पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
जिला उपायुक्त ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जिसमें पानी की बोतल साथ प्लास्टिक की अन्य सामग्री शामिल है। उपायुक्त ने सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को कार्यक्रम के दौरान निरंतर जल आपूर्ति के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के साथ ही जलशक्ति विभाग का 5 लाख लीटर का टैंक बना हुआ है, जिसमें थोड़ी बहुत मरम्मत करने की आवश्यकता है। बेस कैंप में भी पानी की उचित व्यवस्था की जाएगी। साथ ही साथ रस्ते में भी विभिन्न स्थानों पर नलके से पानी की व्यवस्था होगी।