HNN/ऊना/वीरेंद्र बन्याल
चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र एवं उप तहसील जोल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चौकीमन्यार के सुप्रसिद्ध लक्ष्मी नारायण मंदिर में सात दिवसीय श्री ज्ञान यज्ञ महोत्सव श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ के पहले दिन आयोजनकर्ता यजमान संतोष कौशल द्वारा बताया गया कि कथा का भव्य शुभारंभ सुबह 8:00 बजे शुरू हुआ।
कथा के प्रथम दिन कथावाचक आचार्य शिवकुमार शास्त्री द्वारा अपने प्रवचनों में श्रीमद् भागवत महात्म्य के विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कलयुग में मनुष्य अपने भावों को सत्संग के जरिए ही आत्मा को स्थिर रख सकता है। सत्संग के बिना विवेक उत्पन्न नहीं हो सकता और बिना सौभाग्य के सत्संग सुलभ नहीं होता।
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श्रीमद् भागवत कथा का 7 दिनों का श्रवण करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। मनुष्य अपने जीवन में सातों दिवस किसी न किसी देवता की पूजा अर्चना करता है। लेकिन मानव जीवन में आठवां दिवस परिवार के लिए होता है।
आचार्य शिव कुमार शास्त्री ने जीवन में भजन और भोजन में अंतर बताते हुए कहा कि भजन में कोई मात्रा नहीं होती। भजन करने से मानव का मन सीधा ही प्रभु से जुड़ जाता है। उसी प्रकार भोजन में मात्रा होती है। मनुष्य को भोजन को भजन एवं प्रसाद के रूप में ग्रहण करना चाहिए।
आचार्य द्वारा कथा वाचन के दौरान कहा गया कि इस कलयुग में केवल भगवान भोलेनाथ ही ऐसे देव हैं जो शीघ्र भक्ति से प्रसन्न हो जाते हैं। केवल 3 महीने भोलेनाथ की भक्ति करने से मनुष्य के सब कार्य सिद्धि मिलती है। प्रथम दिन की कथा के समापन से पूर्व आरती की गई। आरती करने के पश्चात कथा श्रवण करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया था।
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