जिला के स्कूल प्रमुखों का इस दिन तक होगा बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण……
HNN/ऊना
जिला में प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय ऊना की टीम शिक्षा खंड स्तर पर अध्यापकों का प्रमाणीकरण कर रही है। सरकार के निर्देशानुसार स्कूलों के अध्यापकों और बच्चों का बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य है। इसका उद्देश्य छात्रवृत्ति घोटालों को रोकना है। यह बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया 31 जनवरी तक चलेगी। इसमें पात्रता रखने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह प्रक्रिया चली हुई है और 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ऊना देवेंद्र चंदेल द्वारा यह जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक जिला ऊना के सात में से पांच शिक्षा खंडों में विभाग अध्यापकों का बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण कर चुका है, जबकि में बंगाणा और अंब खंड में अध्यापकों का बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण होना बाकी है।
उन्होंने बताया कि यह बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण विद्यार्थियों को दी जाने वाले विभिन्न प्रकार के छात्रवृत्ति की निगरानी और उसमें पारदर्शिता के लिए किया जा रहा है। बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण होने के बाद संबंधित स्कूलों के प्रमुख छात्रवृत्ति के लिए बच्चों का नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीकरण करेंगे। पंजीकरण के बाद जिला नोडल अधिकारी उसका सत्यापन करेंगे।
उन्होंने बताया कि इसके आधार पर ही छात्रवृत्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। बता दें कि इससे पहले बच्चों के छात्रवृत्ति आवेदन अध्यापकों की ओर से ऑफलाइन माध्यम से किए जाते थे।