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जिला सिरमौर राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने शुरू करी “ई गवर्नेंस पोर्टल” सुविधा

By Ankita Published: 10 May 2023, 4:28 PM | Updated: 10 May 2023, 5:06 PM 1 min read

जिला की शराब फैक्ट्रियों में ट्रेक एंड ट्रेस हार्डवेयर लगाए जाने का काम शुरू

HNN/ नाहन

जिला सिरमौर राज्य कार एवं आबकारी विभाग ने डिजिटलाइजेशन में एक और बड़ी छलांग लगाई है। जिला सिरमौर की एक ब्रूवरी और चार बोतल इन प्लांट एचपी एक्साइज ई गवर्नेंस वेब पोर्टल से जुड़ गए हैं। इस सेवा के शुरू होने के बाद शराब कारोबारियों को ऑनलाइन पास परमिट की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।

इस सेवा के शुरू होने से अब इन शराब कारोबारियों को दफ्तरों के चक्कर काटने की भी जरूरत नहीं होगी। असल में शराब निर्माताओं को शराब अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पास परमिट की जरूरत होती है। यह पास परमिट पहले दफ्तर में आकर अप्लाई करना होता था उसके बाद एक लंबी प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही यह परमिट जारी होता था।

मगर अब ई गवर्नेंस सिस्टम के तहत फैक्ट्री अथवा घर बैठकर पोर्टल पर अप्लाई करना है। ऑटोमेशन प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन अप्लाई करते ही विभाग का इंस्पेक्टर अथवा संबंधित अधिकारी ऑनलाइन ही पास परमिट जारी कर देगा। जिसके बाद व्यवसाई इसका प्रिंट आउट निकाल कर बॉटलिंग की गई शराब को ऑर्डर दिए गए स्थान तक पहुंचा पाएगा।

ई गवर्नेंस सुविधा सिरमौर में पहले ट्रायल बेस पर शुरू की गई थी जिसमें कई खामियां भी बीच में आई। बावजूद इसके तमाम कमियों को पूरा करते हुए विभाग के द्वारा अब इस सेवा को शुरू करवा दिया गया है। ई गवर्नेंस सिस्टम बनाई गई शराब की पूर्ण आपूर्ति तथा प्रबंधन में बड़ी रणनीतिक प्रशासनिक सुधार की पहल भी मानी जा रही है।

यही नहीं प्रदेश में बनी शराब अथवा की गई बॉटलिंग पूरी तरह से सुरक्षित और व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता हो। इस दिशा में ई गवर्नेंस सिस्टम मील का पत्थर साबित होगा। बड़ी बात तो यह भी है कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग जिला सिरमौर के द्वारा तमाम बॉटलिंग और बीयर प्लांट में ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम को लागू करने के लिए हार्डवेयर भी लगाया जाना शुरू कर दिया गया है।

बता दें कि जैसे यह हार्डवेयर काम करना शुरू कर देगा उसके बाद तमाम निर्माण विभाग की डिजिटल नजरों के बीच होगा। खबर की पुष्टि करते हुए राज्य कर एवं आबकारी विभाग उप आयुक्त जिला सिरमौर हिमांशु पंवार ने बताया कि जिला में ई गवर्नेंस सिस्टम शुरू हो चुका है इसके साथ-साथ जिला के चार बॉटलिंग प्लांट में ट्रेक एंड ट्रेस सुविधा हेतु हार्डवेयर लगाने की शुरुआत भी कर दी गई है।