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जैविक खेती की मिसाल : देशी बीजों से लिखी सफलता की कहानी

PARUL • 30 Sep 2024 • 1 Min Read

HNN/काँगड़ा

कांगड़ा के पटोला गांव के किसान बलवीर सैणी ने हाइब्रिड बीजों के दौर में देशी बीजों के साथ जैविक खेती की ठान ली और सफलता की कहानी लिखी। उन्होंने अपने बुजुर्गों के समय से संजोकर रखे देशी बीजों के साथ आर्गेनिक खेती शुरू की और आज 20 कनाल की भूमि पर खेती कर रहे हैं।

बलवीर सैनी और उनकी पत्नी सपना देवी पिछले छह साल से जैविक खेती कर रहे हैं और अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देशी बीज से तैयार टमाटर का पौधा लगभग 20 से 25 किलो फसल देता है और वह आज के युवाओं को भी खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

धर्मशाला पुलिस ग्राउंड में चल रहे कांगड़ा वैली कार्निवल में उन्होंने लोगों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रदर्शनी लगाई है। उन्होंने कहा कि जो युवा आज के समय में 15 से 20 हजार की नौकरी के लिए इधर-उधर भाग रहे है, वह खेती करके भी अच्छा कमा सकते हैं और सेहत भी स्वच्छ रहेगी।