उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंस रही है जिसके चलते सैकड़ों घरों में दरारें आ गई हैं। अभी तक 148 भवनों को अनसेफ चिह्नित करते हुए इसे रहने योग्य नहीं माना था। इस बीच जोशीमठ का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है जिस पर आज सुनवाई हुई। जोशीमठ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने की मांग के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने जोशीमठ भू-धंसाव मामले में केंद्र को निर्देश देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को छूट दी कि वह उत्तराखंड हाईकोर्ट जा सकता है और वहां इस आपदा को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग कर सकता है। इसी के साथ सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र की ओर से जोशीमठ में प्रभावित लोगों को राहत मुहैया कराने की मांग को भी नकार दिया। साथ ही मामले में दखल से भी इनकार कर दिया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जोशीमठ संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ता स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शीर्ष अदालत में अपील करते हुए कहा था कि मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है और इस संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। जिस पर मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने सोमवार यानी आज की तारीख दी थी लेकिन अब अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।
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