ट्रांसगिरी के हाटी समुदाय ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नाहन में निकाली आक्रोश रैली
HNN/ नाहन
जिला सिरमौर के ट्रांसगिरी के हाटी समुदाय के लोगों ने मंगलवार दोपहर को प्रदेश सरकार के खिलाफ नाहन में आक्रोश रैली निकाली। इस आक्रोश रैली में जिला सिरमौर के ट्रांसगिरी क्षेत्र से भारी संख्या में महिलाएं, छात्र-छात्राएं, युवक व हाटी समुदाय के लोग पहुंचे थे।

नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में हाटी समुदाय के लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जताते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी के मुर्दाबाद के नारे लगाए।

वहीं दूसरी तरफ समुदाय के लोगों ने केंद्र सरकार से उन्हें हाटी एसटी अधिनियम के तहत स्वीकृति दिलाने के लिए नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जिंदाबाद के नारे भी जमकर लगाए। नाहन में केंद्रीय हाटी समिति के महासचिव कुंदन शास्त्री तथा कानूनी सलाहकार सुरेंद्र हिंदुस्तानी के नेतृत्व में हजारों लोगों एकत्रित हुए।
उसके बाद उन्होंने नाहन चौगान मैदान से महिमा लाइब्रेरी होते हुए डीसी ऑफिस तक प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। डीसी ऑफिस पहुंचकर काफी देर तक नारेबाजी व प्रदर्शन होता रहा। उसके बाद जिला सिरमौर के उपायुक्त सुमित खिमटा ने प्रांगण में आकर ज्ञापन रिसीव किया। साथ ही इस ज्ञापन को जल्द मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने का आश्वासन दिया।
ऐतिहासिक चौगान मैदान तथा डीसी ऑफिस के प्रांगण में करीब एक दर्जन वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि आज जो कांग्रेसी हाटीयों का विरोध कर रहे हैं। समय आने पर सबसे पहले शेड्यूल ट्राइब का प्रमाण पत्र बनाने के लिए वह तहसील में पहुंचेंगे।
प्रवक्ताओं ने कहा कि हाल ही में राज्य सचिवालय में जो हाटी समुदाय के स्टेकहोल्डर के साथ मीटिंग हुई। उसमें प्रदेश कांग्रेस सरकार के मंत्रियों ने इधर-उधर की बातें की। जबकि हाटीयों के फेवर की कोई भी बात नहीं की गई। जिसके चलते हम कांग्रेस सरकार की इस मानसिकता का विरोध करते हैं।
नाहन में यह प्रदर्शन केंद्रीय हाटी समिति के हाटी विचार मंच के बैनर तले किया गया। प्रवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द से जल्द ट्रांसगिरी की हाटी समुदाय को जनजातिय प्रमाण पत्र जारी करें, नहीं तो आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा।
15 दिन के बाद अगला प्रदर्शन प्रदेश सचिवालय के बाहर शिमला में होगा। अभी तो हाटी लोग शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर सरकार ने मामले को ज्यादा लटकाया, तो उग्र प्रदर्शन भी हो सकता है। जिसके लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार जिम्मेदार होगी।