डॉ. दिनेश शर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद बदलेगी तस्वीर? मेडिकल कॉलेज के सबसे विवादित विभाग पर टिकी मरीजों की उम्मीदें
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन
डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नाहन के रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष (एचओडी) डॉ. दिनेश शर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद अब मरीजों और आम लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लंबे समय से विवादों और अव्यवस्थाओं से घिरे इस विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार होगा।
रेडियोलॉजी विभाग लंबे समय से मरीजों की शिकायतों के कारण चर्चा में रहा है। दूर-दराज के क्षेत्रों से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड जैसी आवश्यक जांच के लिए कई-कई सप्ताह ही नहीं, बल्कि कई बार महीनों बाद की तिथियां मिलने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इसका सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं और स्त्री रोग संबंधी समस्याओं से जूझ रही मरीजों पर पड़ता रहा, जिन्हें समय पर जांच न मिलने से भारी परेशानी उठानी पड़ती थी।
इतना ही नहीं, एक्स-रे विभाग में कई बार फिल्म अथवा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध न होने जैसी शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रहीं। इन कारणों से मरीजों को या तो निजी संस्थानों का रुख करना पड़ा या फिर बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़े।
रेडियोलॉजी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और मरीजों द्वारा कई बार सवाल उठाए गए। यही कारण रहा कि यह विभाग अक्सर मीडिया की सुर्खियों में भी बना रहा।
अब डॉ. दिनेश शर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद मरीजों को उम्मीद है कि नए नेतृत्व में विभाग की व्यवस्था बेहतर होगी, जांच सेवाएं समय पर उपलब्ध होंगी और लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा। हालांकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन मरीजों की इन अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरता है।