Government Decision: किशाऊ परियोजना की पुरानी शर्तों से हिमाचल पर पड़ सकता था 5,000 करोड़ तक का बोझ: सुक्खू
Government Decision: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने दावा किया है कि किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना की पूर्व निर्धारित शर्तें लागू रहने पर हिमाचल प्रदेश की जनता पर 3,000 करोड़ से 5,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता था। उन्होंने 19 सितंबर को अर्की में आयोजित राज्य स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह में परियोजना से जुड़े समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में पानी की कमी की आशंका जताई जा रही थी।
सोलन/अर्की
संभावित वार्षिक आय को लेकर भी किया दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने किशाऊ परियोजना से जुड़े समझौते की पहले से निर्धारित शर्तों को स्वीकार कर लिया था। उनका दावा है कि इन शर्तों के कारण हिमाचल प्रदेश को 1,200 करोड़ से 1,500 करोड़ रुपये तक की संभावित वार्षिक आय से भी वंचित होना पड़ सकता था। उन्होंने परियोजना से जुड़े वित्तीय दायित्व और राज्य को मिलने वाले लाभ के संदर्भ में इन शर्तों को हिमाचल के हितों से जुड़ा विषय बताया।
पानी की जरूरत वाले राज्यों से लागत वहन की मांग
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जिन राज्यों को पानी की आवश्यकता है, उन्हें विद्युत परियोजना की लागत भी वहन करनी चाहिए। उनके अनुसार, हिमाचल प्रदेश की जनता के सहयोग और दृढ़ संकल्प से अंततः राज्य के हितों के अनुरूप शर्तों पर समझौता सुनिश्चित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड ने हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर इसी प्रकार के समझौते की मांग की थी, लेकिन वह ऐसी व्यवस्था प्राप्त नहीं कर सका।