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तेल संकट के बीच देश को राहत: पेट्रोल-डीजल कीमतें स्थिर, सरकार बोली— दो महीने का कच्चा तेल भंडार सुरक्षित

PRIYANKA THAKUR 2 Apr 2026 Edited 2 Apr 1 min read

गुरुवार को केंद्र सरकार ने देशवासियों को राहत देते हुए बताया कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित है। अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल का भंडार सुरक्षित रखा गया है। इसके साथ ही आम नागरिकों को किसी तरह की घबराहट या अफवाह में खरीदारी न करने की सलाह दी गई है।

नई दिल्ली


पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने साफ कहा है कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और अगले दो महीनों के लिए आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित कर ली गई है। साथ ही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर भी भरोसा दिलाया गया है।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता में कहा कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बावजूद भारत ने अपनी ईंधन आपूर्ति और कृषि आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने समय रहते ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं पर वैश्विक संकट का सीधा असर न पड़े।

सरकार के अनुसार, देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई है। इसके चलते सार्वजनिक क्षेत्र की तेल और गैस विपणन कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात शुल्क जैसे कदम भी उठाए गए हैं।प्राकृतिक गैस को लेकर भी सरकार ने स्थिति सामान्य बताई है। घरेलू उपभोक्ताओं और सीएनजी परिवहन क्षेत्र के लिए सौ फीसदी आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया गया है। इसके अलावा पाइप्ड नेचुरल गैस नेटवर्क के विस्तार की दिशा में भी काम जारी है। सरकार के अनुसार मार्च महीने में लगभग 3 लाख 25 हजार नए कनेक्शनों को गैस आपूर्ति दी गई।

इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बने तनाव के बीच भारत के लिए एक और राहत भरी खबर सामने आई है। यूएई से एलपीजी लेकर आए दो बड़े टैंकर सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गए हैं। इन दोनों जहाजों के जरिए देश में करीब 94 हजार टन रसोई गैस पहुंची है, जिससे घरेलू आपूर्ति को और मजबूती मिली है।जानकारी के अनुसार, पहला टैंकर 31 मार्च को मुंबई पहुंचा, जबकि दूसरा टैंकर न्यू मैंगलोर के पास पहुंचा। दोनों जहाज क्रमशः भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के लिए एलपीजी लेकर आए। इन जहाजों के सुरक्षित पहुंचने को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

सरकार ने यह भी बताया कि अब तक आठ भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सक्रिय और सुरक्षित बनाए रखने में सफल रहा है।सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट में खरीदारी न करें। केंद्र का कहना है कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता पर्याप्त है और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।