HNN/ श्री रेणुका जी
आज तक आपने विभिन्न स्कूलों में हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा में प्रार्थना सभा होते हुए देखी होगी। पर सिरमौर जिले की राजकीय कन्या उच्च पाठशाला ददाहू ने पहाड़ी भाषा में प्रार्थना सभा शुरू कर एक अनूठी पहल की है। प्रदेश के किसी भी स्कूल में शायद ही आज तक ऐसा कोई नजारा देखने को मिला होगा। स्थानीय बोली में प्रार्थना तैयार करने में करीब एक माह का वक्त लगा। हालाँकि राष्ट्रीय गान तथा राष्ट्रीय गीत में किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
खास बात यह भी है कि यह स्कूल शहरी क्षेत्र का है, जहां 210 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। साथ ही इस स्कूल में आसपास के ग्रामीण इलाकों की छात्राएं भी पढ़ रही हैं जिस कारण सभी बच्चों को पहाड़ी बोली सीखने में तक़रीबन एक माह का वक्त लगा। प्रार्थना के रूप में प्रसिद्ध लोकगीत रामो रा नाव को ठेठ पहाड़ी में पूरे साज के साथ दो मिनट के भजन में पिरोया गया है। इसके साथ साथ प्रतिज्ञा, नारे, आज का विचार को भी पहाड़ी बोली में तैयार करवाया गया है। इस पहाड़ी प्रार्थना सभा का संचालन नौवीं कक्षा की छात्रा अवंतिका कर रही हैं।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
स्कूल के सरस्वती सदन ने पहाड़ी भाषा में प्रार्थना सभा कराने का जिम्मा अपने कंधों पर लिया है। इसका नेतृत्व टीजीटी अध्यापक अनंत आलोक व निशा ठाकुर कर रहे हैं। स्कूल की मुख्याध्यापिका ने बताया कि पहाड़ी भाषा के साथ साथ विद्यालय में हिंदी ,अंग्रेजी व संस्कृत भाषा में भी प्रार्थना सभा करवाई जा रही हैं। इसे आने वाले समय में भी जारी रखा जाएगा।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





