दो विधानसभा के क्षेत्र की 9 पंचायतों को ब्लॉक विकास खंड अंब में शामिल करने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने की मांग
HNN/ऊना/ वीरेंद्र बन्याल
ग्राम पंचायत खरयालता तलमेहडा के अलावा चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्रों की कुछ पंचायतें इस समय दो विधानसभा क्षेत्रों की चक्की में पिस रही है। किसी भी ग्राम पंचायत के विकास में ब्लॉक विकास खंड कार्यालय (बी.डी.पी.ओ.) का बहुत बड़ा हाथ होता है। लेकिन ग्राम पंचायत खरयालता सहित अन्य पंचायतों के साथ ऐसा नहीं है। जिस कारण प्रदेश सरकार जो भी विकास की योजनाएं भेजी जा रही हैं, का लाभ ग्राम पंचायतों के लोगों को नहीं मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत खरयालता सहित कुछ अन्य पंचायतें, जिनमें विशेष रूप से चौकीमन्यार, चौली, सोहारी, अम्बेहड़ा धीरज, कठोह, पल्लियां, बडूही, टकोली शामिल हैं। जोकि चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में आती है, जो ब्लॉक विकास खंड कार्यालय बंगाणा है। जोकि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है।
कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र से अलग विधायक हैं तथा वे अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। जिस कारण केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत खरयालता की योजनाओं को भी कुटलैहड़ विधानसभा में शामिल ग्राम पंचायतों में ले जाया जा रहा है।
जिससे परेशान होकर अब ग्राम पंचायतों के प्रधानों व उपप्रधानों जिनमें ग्राम पंचायत खरयालता के प्रधान राकेश धीमान, उपप्रधान अशोक मोनू, चौकीमन्यार के उपप्रधान जीवन बाली, चौली के उपप्रधान विकास शर्मा, सोहारी से प्रधान संजीव संधू, टकोली उपप्रधान पंकज, अम्बेड़ा उपप्रधान सतीश कुमार, कठोह प्रधान नीलम कुमारी, पल्लियां प्रधान सीमा देवी, उपप्रधान रत्न चंद, बडूही उपप्रधान ओम प्रकाश के अलावा समूह गांववासियों ने चिंतपूर्णी क्षेत्र के विधायक सुदर्शन बबलू से मांग की है कि वे इस संदर्भ में सख्त कदम उठाएं तथा ब्लॉक विकास खंड अंब में ग्राम पंचायत खरयालता को शामिल किया जाए, ताकि उनके विधानसभा क्षेत्र में आती ग्राम पंचायतों को लाभ मिल सके।