धर्मशाला में सब्ज़ी विक्रेताओं और स्थानीय जनता से मुख्यमंत्राी संवाद , कहा—नीतियाँ तभी अर्थ रखती हैं जब ज़मीन पर असर दिखे
आज सुबह धर्मशाला का कचहरी बाज़ार उस समय चर्चा में आ गया जब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू नियमित सैर के दौरान अचानक बाजार पहुंचे। यहां उन्होंने सब्जी बेच रही एक बेटी से बातचीत कर उसका हाल जाना।
धर्मशाला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने धर्मशाला के कचहरी बाजार में आम लोगों से मुलाक़ात कर उनकी आवश्यकताओं, समस्याओं और सुझावों पर संवाद किया। बाजार में सब्ज़ी बेच रही अमरजोत कौर से बातचीत बातचीत कर उसका हाल जाना । यह वही विक्रेता हैं जिनसे उनकी मुलाक़ात पिछले वर्ष भी हुई थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उसी चर्चा के बाद छोटे दुकानदारों और रेहड़ी–फड़ी कारोबारियों के लिए ऋण माफी योजना लाई गई थी। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार भविष्य में भी उनके हित में कदम उठाती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कचहरी चौक वर्षाशालिका में बैठी एक अन्य युवती एवं आसपास मौजूद राहगीरों से भी बात की। स्थानीय लोगों ने सड़क, सफाई, रोज़गार और छोटे व्यवसाय से जुड़ी चिंताएँ उनके समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति–निर्माण का वास्तविक अर्थ तभी है जब वह सीधे जनता के जीवन में ठोस बदलाव लेकर आए। उन्होंने कहा कि छोटी मुलाक़ातें और आम लोगों से संवाद शासन को संवेदनशील बनाने में सबसे प्रभावशाली साधन सिद्ध होते हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि संघर्ष और साधारण जीवन से मिली सीख ही सरकार के निर्णयों में मानवीय दृष्टिकोण जोड़ती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के भरोसे को सर्वोच्च मानती है और हर वर्ग को सहयोग देना उनका संकल्प है।