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धोखाधड़ी मामले में दोषी को 3 साल का कारावास, जुर्माना भी लगाया

Ankita • 11 Apr 2024 • 1 Min Read

HNN/ ऊना

जिला ऊना के अंब उपमंडल के तहत पड़ती एक ग्राम पंचायत के आरोपी को धोखाधड़ी मामले में दोषी करार दिया है। दोषी को अदालत ने 3 साल के कारावास की सज़ा सुनाई है। इसके साथ ही 26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह सज़ा दोषी को एसीजेएम कोर्ट नंबर एक अंब जज निरंजन सिंह की अदालत ने सुनाई है। यदि आरोपी किसी सूरत में जुर्माना अदा नहीं करता तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सहायक जिला न्यायवादी शिखा राणा ने बताया कि 21 अक्टूबर 2009 को आरोपी ने ततिमा के साथ उसकी संयुक्त भूमि पर 38 हजार 500 रुपये राशि से इंदिरा आवास योजना के तहत मकान के लिए बीडीओ से स्वीकृति हासिल की, जिसने उस राशि से स्वयं के दर्शाए गए खसरा नंबर के बजाय सरकारी जमीन पर मकान बना दिया। आरोपी ने वर्ष 2010 में ग्राम पंचायत अपर लोहारा के प्रधान पद के लिए पंचायत चुनाव लड़ा।

इसके लिए उसने एक शपथ पत्र दायर किया, जिसमें उसने किसी भी प्रकार से सरकारी जमीन पर कब्जा अथवा अतिक्रमण से इंकार किया। ग्राम पंचायत चुनाव में प्रधान पद पर जीतने के बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को जिसके साथ उसके अच्छे संबंध नहीं थे, उसे धमकाना शुरू कर दिया।

इस पर शिकायतकर्ता ने आरटीआई के माध्यम से मकान बनाने के लिए सरकारी ग्रांट की मंजूरी के बारे में प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने के बाद खंड विकास अधिकारी और जिला कलेक्टर से शिकायत की।

मामले में 18 अक्टूबर 2011 को नायब तहसीलदार सह एसी द्वितीय श्रेणी ने भी एक आदेश पारित किया था, जिसमें खसरा संख्या 1134/2 के संबंध में एचपी भू-राजस्व अधिनियम 1954 की धारा 163 के तहत आरोपी के खिलाफ जांच की गई।

जिसके बाद पाया गया कि आरोपी ने सरकारी भूमि पर कब्जा पाए जाने की बात कही गई। मामले की शिकायत के बाद चिंतपूर्णी थाना पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मामले को अदालत में प्रस्तुत किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया और उक्त सज़ा सुनाई।