नवनिर्मित बीडीओ कार्यालय निर्माण में घोटाले की बू
फ्रंट स्टेर्स के निर्माण में नजर आई थी घटिया क्वालिटी की दो एम ईंटें, बाकी पर भी सवालिया निशान
HNN/ नाहन
2 साल में बनकर तैयार हुई ग्रामीण विकास विभाग की खंड विकास अधिकारी की बिल्डिंग के निर्माण पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि इस भवन के निर्माण में जिस ठेकेदार को कार्य दिया गया था उसके द्वारा आगे कथित भाजपा नेता को आगे काम दिया गया था। जानकारी यह भी है कि इस भवन के निर्माण में घटिया किस्म की सामग्री का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया है।

सवाल तो यह उठता है कि इस भवन के निर्माण में गुणवत्ता के पैमाने को किस स्तर पर मापा गया था इस पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। पुख्ता जानकारी के अनुसार भवन से अंदर एंटर होते हुए जो सीढ़ियां बनाई गई हैं उनमें बहुत ही घटिया किस्म की ईंटें जिन्हें दो एम कहा जाता है उनका इस्तेमाल किया गया है। सवाल तो यह उठता है कि जब ठेकेदार के द्वारा इस भवन का निर्माण किया जा रहा था तो उस समय विभाग के जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे थे।
इस भवन के निर्माण का कार्य बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान शुरू हुआ था। बताया जाता है कि इसमें ऐसे सबलेट ठेकेदार भी शामिल हो गए थे जिन पर पूर्व सरकार के कद्दावर नेता का हाथ था।हालांकि अब यह भवन बनकर तैयार हो चुका है जिसका अभी कुछ देर के बाद पंचायती राज मंत्री लोकार्पण भी करने जा रहे हैं।
अब यदि प्रशासन या संबंधित विभाग मंत्री इस भवन की गुणवत्ता की जांच गंभीरता से करते हैं तो निश्चित ही भवन के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री पर लगे सवालिया निशानों की पुष्टि भी हो सकती है। जानकारी तो यह भी है कि इस भवन के निर्माण में सस्ती क्वालिटी का सीमेंट इस्तेमाल किया गया था। जबकि नियमानुसार जिस क्वालिटी के सीमेंट को टेंडर में शामिल किया जाता है उसका इस्तेमाल करना जरूरी होता है।
बरहाल इस भवन का निर्माण उच्च स्तरीय जांच का विषय बन गया है। देखना यह होगा कि व्यवस्था में परिवर्तन और सुधार के दावे करने वाली कांग्रेस सरकार इस मामले में किस स्तर पर जांच कर पाती है। उधर, खंड विकास अधिकारी परमजीत सिंह ने कहा कि भवन के निर्माण में एक ही ठेकेदार ने काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भवन के निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल नहीं की गई है।