लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

नाबार्ड द्वारा हिमाचल प्रदेश को 42,244 करोड़ रुपये का ऋण, कृषि और बुनियादी ढांचे के लिए अहम कदम

हिमाचलनाउ डेस्क | 24 जनवरी 2025 at 5:01 am

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने हिमाचल प्रदेश के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 42,244 करोड़ रुपये का ऋण आवंटित करने की घोषणा की है। यह ऋण प्रदेश के कृषि क्षेत्र और बुनियादी ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

22.5% वृद्धि के साथ बढ़ा ऋण प्रवाह

नाबार्ड ने इस वर्ष के लिए ऋण प्रवाह में 22.5% की वृद्धि की है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल अधिक धनराशि प्रदेश में वितरित की जाएगी, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। खासकर कृषि क्षेत्र को इस ऋण से विशेष लाभ होगा, जिससे प्रदेश की कृषि योजनाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

कृषि क्षेत्र के लिए 1682 करोड़ रुपये का प्रावधान

नाबार्ड की प्राथमिकता कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करना है, और इस उद्देश्य के लिए 1682 करोड़ रुपये का ऋण कृषि और कृषि संबंधित विकास योजनाओं के लिए आवंटित किया जाएगा। यह कदम राज्य में कृषि क्षेत्र की वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

नाबार्ड का सहयोग: प्रदेश में विकास की नई दिशा

मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने नाबार्ड का “स्टेट फोकस पेपर” जारी करते हुए इस ऋण का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नाबार्ड के सहयोग से प्रदेश में विकास कार्यों में तेजी आएगी। नाबार्ड को राज्य का एक मजबूत और महत्वपूर्ण साथी बताया गया है, जो प्रदेश की समृद्धि के लिए विभिन्न क्षेत्रों में योगदान कर रहा है।

बुनियादी ढांचे के विकास में नाबार्ड का योगदान

नाबार्ड सिर्फ कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं है। वह प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हर साल नाबार्ड लगभग 900 करोड़ रुपये का निवेश करता है, जो सड़कों के निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं और अन्य विकासात्मक योजनाओं के लिए उपयोग होता है। इस बार भी 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें “ग्रीन राज्य” की दिशा में काम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ई-चार्जिंग स्टेशन और अन्य योजनाओं के लिए 110 करोड़ रुपये

नाबार्ड ने इस वर्ष अपने कार्यक्षेत्र को और विस्तृत किया है। सरकार के साथ मिलकर, नाबार्ड ने 110 करोड़ रुपये की राशि को ई-चार्जिंग स्टेशनों और फास्ट एटीसी (एट्मॉस्फेरिक टेरिस्टिक चार्जिंग) परियोजना के लिए आवंटित किया है। ये प्रयास राज्य में पर्यावरणीय सुधारों और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होंगे।

निष्कर्ष

नाबार्ड का यह वित्तीय सहयोग हिमाचल प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। विशेष रूप से कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में इस ऋण का लाभ प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुधारने और सामाजिक समृद्धि बढ़ाने में होगा।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]