स्कूली छात्र-छात्राएं 4 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे जमटा स्कूल
HNN/नाहन
नाहन नैहर स्वार के बीच में पढ़ने वाले सतना गांव के स्कूली बच्चों को पैदल ही स्कूल जाना पड़ा। पैदल स्कूल पहुंचने की बड़ी वजह एचआरटीसी बस सर्विस को माना जा रहा है। असल में आज वीरवार को नैहर स्वर से नाहन जाने वाली रोडवेज की बस खचाखच भरी हुई थी। यह बस जैसे ही करीब 8:15 बजे के बीच जमटा से 4 किलोमीटर के लगभग पीछे सतना स्टेशन पर पहुंची तो यहां 13 सवारियां बस का इंतजार कर रही थी।
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चालक के द्वारा बस को स्टॉपेज पर रोका गया मगर 4-5 सवारी बिठाने के बाद परिचालक के द्वारा दरवाजा बंद कर दिया गया। परिचालक ने बताया कि बस में अब बिल्कुल भी जगह नहीं है लिहाजा वह बस को लेकर निकल गए। स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ कुछ लोग भी ऐसे थे जो यह कह रहे थे कि उन्हें भी किसी तरह से एडजस्ट कर लिया जाए। बावजूद इसके बस का दरवाजा खोला नहीं गया। जिसके चलते इन बच्चों तथा कुछ यात्रियों को पैदल ही जमटा तक आना पड़ा।
इनमें कुछ सवारियां ऐसी भी थी जिन्हें ड्यूटी टाइम में नाहन पहुंचना था। लोगों ने तथा स्कूल के बच्चों ने सरकार तथा प्रशासन को इस अव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा जिम्मेदार बताया। राजीव मिथिलेश का कहना है कि बस कंडक्टर ने इसके लिए मिस बिहेव भी किया। वहीं स्कूली छात्र-छात्राओं में शामिल सतना गांव की कृतिका, शिवानी, अक्षय, ज्योति, स्थानीय निवासी संजय आदि ने बताया कि उन्हें करीब चार से पांच किलोमीटर पैदल अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
बच्चों ने बताया कि बस ना रुकने से उन्हें स्कूल देरी से पहुंचना पड़ा। लोगों ने मांग करी है कि सरकार को चाहिए कि इस ग्रामीण रूट पर कम से कम सुबह स्कूल के समय अतिरिक्त बसें चलाई जाए। बच्चों ने तो यहां तक कहा कि इसमें परिवहन विभाग भी क्या कर सकता है जब बस ओवरलोड हो जाएगी तो कैसे व्यवस्था पटरी पर लाई जाएगी।
उधर सहायक अड्डा इंचार्ज धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि आंतरिक बस चलाई जा सकती हैं मगर उनके पास स्टाफ की बहुत कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब बस में जगह नहीं होगी तो सवारी को कैसे बैठा सकते हैं।
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