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नाहन चौगान में गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत पर भव्य गुरमत समागम, गूंजी गुरबाणी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 23 Nov 2025 • 1 Min Read

नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर भव्य गुरमत समागम आयोजित हुआ। देशभर से पहुंचे रागी जत्थों ने संगत को पूरे दिन गुरबाणी रस में सराबोर किया।

नाहन

भव्य गुरमत समागम में उमड़ी संगत

नाहन में आयोजित विशाल गुरमत समागम में देशभर के रागी, ढाडी जत्थे और संत समाज ने भाग लिया। गुरुद्वारा श्री दशमेश अस्थान, सुखमनी सोसाइटी और सेवा दल के संयुक्त आयोजन में चौगान मैदान पूरे दिन गुरबाणी की मधुर ध्वनियों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप दे दिया।

विधायक अजय सोलंकी ने किया शहीदों को नमन

कार्यक्रम में विधायक अजय सोलंकी विशेष रूप से उपस्थित हुए और गुरु तेग बहादुर जी तथा उनके तीन महान अनुयायियों—भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दयाला—को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह समागम त्याग, धर्मनिष्ठा और मानवता की रक्षा के उच्च आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम है।

देशभर से आए रागी जत्थों ने भक्ति रस बरसाया

दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई जगतार सिंह खालसा, खरड़ के भाई कुलविंदर सिंह, माणकपुर शरीफ के भाई गरजा सिंह ढाडी जथा और सिरथले वाले संत बाबा प्यारा सिंह ने गुरु इतिहास और शहादत की वाणी प्रस्तुत की। देहरादून, चंडीगढ़, बड़ू साहिब और स्थानीय गुरुद्वारा साहिब के जत्थों ने भी अपनी हाज़िरी से संगत को निहाल किया।

अटूट लंगर और सेवा की मिसाल

समागम में हजारों श्रद्धालुओं के लिए अटूट लंगर की विशेष व्यवस्था की गई। आयोजन समिति ने स्वास्थ्य शिविर भी लगाया, जहां कई लोगों ने सेवाएं प्राप्त कीं। सेवादारों ने कहा कि नाहन और सिरमौर के लोगों ने बिना किसी भेदभाव के जिस प्रेम से समागम में भाग लिया, वह गुरु घर की असली पहचान है।