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नाहन नगर परिषद ने शुरू किया धरोहर पर पेड़ लगाओ अभियान !

PARUL • 21 Oct 2023 • 1 Min Read

लिंटन मेमोरियल पर लगा पेड़, नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है सवाल

HNN/नाहन

विरासतों का शहर माने जाने वाले नाहन में ऐतिहासिक धरोहर का विषय सुरक्षित नजर नहीं आता है। शहर का प्रवेश द्वार माने जाने वाले लिंटन मेमोरियल जिसे दिल्ली गेट भी कहा जाता है उस पर पेड़-पौधे उग आए हैं। अब यह पेड़-पौधे नगर परिषद ने उगाएं हैं या खुद-ब-खुद उग आए हैं यह तो कहा नहीं जा सकता। मगर नगर व्यवस्था का जिम्मा उठाने वाली नाहन नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल या निशान जरूर लग जाता है। दिल्ली गेट की घड़ी के नीचे मुख्य दीवार पर हरा-भरा बड़ का पेड़ पनप रहा है।

माना जाता है की बड़ के पेड़ की जड़े मजबूत से मजबूत इमारत को भी हिलाकर रख देती है। ऐसे में तेजी से पनप रहे इस बड़ के पेड़ की जड़े इस विरासत को कब जीरण-शीराण कर दें यह भी कहा नहीं जा सकता। अच्छी बात तो यह है कि दिल्ली गेट की घड़ियां कम से कम समय तो सही बता रही हैं। मगर इस ऐतिहासिक धरोहर की जो सबसे बड़ी खासियत थी इसके घंटे की आवाज, कई दशक बीत जाने के बाद भी बंद पड़ी है।

बताया जाता है कि दिल्ली गेट में हर घंटे के बाद बजने वाले घंटे की आवाज कच्चा टैंक, बस स्टैंड तक सुनाई देती थी। मगर आज यह आवाज भी केवल इतिहास बनकर रह गई है। घंटाघर के अंदर आवाज करने वाली घंटियां भी लगी है या गायब हो गई है इसके बारे में कहा नहीं जा सकता। बता दें कि प्रदेश में जहां-जहां अंग्रेजों के समय के बने हुए घंटाघर हैं उनमें से अधिकतर सभी आवाज भी करते हैं।

उधर, नाहन पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय तोमर का कहना है कि लिंटन मेमोरियल पर कोई पेड़ उग आया है तो इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मगर उन्होंने यह भी कहा है कि वह जल्द ही सफाई निरीक्षकों को इसकी जांच के आदेश देकर मेमोरियल पर उगे पेड़ को हटवाएंगे। वही घंटाघर की आवाज को लेकर उन्होंने कहा है कि जब से मैंने कार्यभार संभाला है मैंने इसकी आवाज नहीं सुनी है।

उन्होंने यह भी कहा कि घंटाघर की आवाज को लेकर उन्होंने बहुत से प्रयास किए है। मगर समय के अनुसार इसमें लगी बैल्स बजनी शुरू हो जाए, इसको लेकर उन्हें कोई मैकेनिक नहीं मिल पाया है। यही नहीं सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यदि आपकी जानकारी में कोई मिस्त्री या मैकेनिक हो तो हमें जरूर बताएं।