नाहन मेडिकल कॉलेज को लेकर कांग्रेस सरकार पर भाजपा का हमला
Himachalnow / नाहन
भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस पर लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप
मेडिकल कॉलेज का विकास रुका, जनता को हो रही परेशानी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर नाहन क्षेत्र की जनता को गुमराह करने और झूठे वादों में फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, नाहन बीते पांच वर्षों में हजारों मरीजों के इलाज का केंद्र रहा है। वर्ष 2017 से पहले यह केवल 12-15 डॉक्टरों के साथ एक सामान्य अस्पताल था, लेकिन अब यहां 120-125 डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं।
अस्पताल की गिरती हालत पर जताई चिंता
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अस्पताल को 2017 के स्तर पर वापस ले जाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर लगातार अस्पताल छोड़कर जा रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। 26 महीने से अस्पताल का विकास कार्य रुका हुआ है, फिर भी कांग्रेस सरकार इसकी जिम्मेदारी भाजपा पर डालकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
केंद्र सरकार से मिली राशि का उपयोग नहीं कर रही कांग्रेस
भाजपा नेता ने बताया कि केंद्र सरकार से 265 करोड़ रुपये मेडिकल कॉलेज के लिए, 70 करोड़ रुपये नर्सिंग कॉलेज के लिए और 20 करोड़ रुपये मातृ एवं शिशु अस्पताल के लिए स्वीकृत हुए थे। लेकिन कांग्रेस सरकार इस धनराशि का उपयोग नहीं कर रही, बल्कि अस्पताल के विकास को रोककर राजनीति कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले से चल रहे कार्य को पूरा किया जा सकता है, तो उसे रोककर नए स्थान पर शिफ्ट करने की बात क्यों की जा रही है।
सरकार की दुविधा से जनता को नुकसान
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के नेता कहते हैं कि अस्पताल के लिए नई जगह तलाश ली गई है, जहां मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाया जाएगा, जबकि नाहन में भी अस्पताल बना रहेगा। उन्होंने तंज कसा कि जब अस्पताल नई जगह जाएगा, तो नाहन में कैसे बना रहेगा। यह योजना स्पष्ट नहीं है और इससे ऐसा लग रहा है कि न तो नया अस्पताल बनेगा और न ही पुराना ही संचालित रहेगा।
मौजूदा अस्पताल में पर्याप्त स्थान, नई जगह तलाशना बेकार
डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्तमान अस्पताल के साथ 300 बिस्तरों की क्षमता वाला अस्पताल और टीचिंग ब्लॉक बनाने के लिए पूरी जगह उपलब्ध है। इसके नक्शे भी पास हो चुके हैं और काम अधूरा पड़ा है। इसके बावजूद नई जगह तलाशना जनता के साथ धोखा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अस्पताल में सुधार किया जाए, ज्यादा डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ लाया जाए, और रुके हुए मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के निर्माण कार्य को तुरंत शुरू किया जाए।
मेडिकल कॉलेज की जमीन फाउंड्री में उपयोग करने का सुझाव
उन्होंने कहा कि नाहन में 1000 लोगों को रोजगार देने वाली फाउंड्री चल सकती है, तो मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं। यदि सरकार मेडिकल कॉलेज को सही तरीके से विकसित करना चाहती है, तो फाउंड्री की 30 बीघा जमीन का उपयोग इसके रेजिडेंशियल ब्लॉक के निर्माण के लिए किया जा सकता है।
सरकार को शिक्षा संस्थानों पर देना चाहिए ध्यान
डॉ. बिंदल ने सुझाव दिया कि यदि कांग्रेस सरकार को कोई नया संस्थान खोलना ही है, तो वह नई जगह पर आईआईटी, आईआईआईटी या इंजीनियरिंग कॉलेज खोले, इससे छात्रों को फायदा होगा। लेकिन पहले से चल रहे मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को बंद करके दूसरी जगह स्थानांतरित करना जनता के हित में नहीं है।