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वायनाड सुरंग भूस्खलन में लापता हिमाचल के इंजीनियर विक्रम राणा का छह दिन बाद शव बरामद

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 56 Mins Ago • 1 Min Read

केरल के वायनाड में सुरंग परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन के बाद लापता हिमाचल प्रदेश के इंजीनियर विक्रम राणा का शव छह दिन बाद तलाशी अभियान के दौरान बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

कांगड़ा

वायनाड सुरंग परियोजना में कार्यरत थे इंजीनियर विक्रम राणा

कांगड़ा जिले के फतेहपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत टकोली घिरथा निवासी विक्रम राणा (50), पुत्र रंजीत सिंह, केरल के वायनाड में डीबीएल कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। वह वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने वाली प्रस्तावित अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना में तैनात थे। इसी परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन के बाद वह लापता हो गए थे।

छह दिन तक चला तलाशी अभियान, नदी किनारे मिला शव

पुलिस के अनुसार विक्रम राणा का अपने परिवार से 7 जुलाई को सुबह 11:09 बजे अंतिम बार फोन पर संपर्क हुआ था। इसके कुछ समय बाद परियोजना स्थल पर भूस्खलन हुआ, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और उनसे संपर्क नहीं हो सका। लगातार छह दिन तक चले तलाशी अभियान के बाद रविवार सुबह करीब 11:30 बजे मीनाचिल पुल से लगभग 350 मीटर नीचे नदी किनारे उनका शव बरामद किया गया।

कई एजेंसियां रहीं खोज अभियान में शामिल

तलाशी अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), विशेष अभियान समूह, दमकल एवं बचाव सेवा, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), वन विभाग के कर्मचारी तथा स्वयंसेवी संगठनों की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। पुलिस के अनुसार पिछले कई दिनों तक विभिन्न स्थानों पर व्यापक खोज अभियान चलाया गया, जिसके बाद शव बरामद किया जा सका।

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया जारी

पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पहचान की पुष्टि तथा आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार इस घटना के बाद परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या आठ हो गई है। मामले से संबंधित अन्य तथ्यों की जांच भी जारी है।