Himachalnow / पालमपुर
पहल और शुभारंभ
पालमपुर में 7 दिसंबर को उपायुक्त हेमराज बैरवा ने निक्षय अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत कांगड़ा जिले में स्वास्थ्य विभाग और आशा कार्यकर्ता उन आबादियों तक पहुंचेंगे, जो टीबी से प्रभावित होने के खतरे में हैं। उपायुक्त ने पालमपुर के आत्मा परियोजना सभागार में इस अभियान की शुरुआत की और इस बात की जानकारी दी कि यह अभियान 24 मार्च तक चलेगा।
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टीबी जागरूकता और गतिविधियाँ
अभियान के दौरान, टीबी रोग, उसकी जांच, और उपचार से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला, खंड, और पंचायत स्तर पर विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। यह अभियान 17 मार्च 2025 तक जारी रहेगा और इसमें जागरूकता शिविरों का आयोजन भी होगा। उपायुक्त ने सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठनों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, और नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया।
निक्षय मित्र पोषण योजना: टीबी रोगियों के लिए सहयोग
उपायुक्त बैरवा ने कहा कि इस अभियान के तहत, टीबी से पीड़ित लोगों को ‘निक्षय मित्र पोषण योजना’ से जोड़ा जाएगा। यह योजना टीबी रोगियों को पोषण सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, सभी विभागों के कर्मचारियों और आम नागरिकों को निक्षय शपथ दिलाई जाएगी और सुदूर क्षेत्रों में निक्षय शिविर आयोजित किए जाएंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस आधुनिक उपकरणों का उपयोग
बैरवा ने यह भी बताया कि भारत पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन ने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस हैंड हेल्ड अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन कांगड़ा जिले को दी है। यह मशीन टीबी से जुड़ी जोखिमों का पता लगाने में मदद करेगी।
जोखिमपूर्ण आबादी
कौन-कौन सी आबादियाँ जोखिम में हैं?
इस अभियान का लक्ष्य उन जनसंख्याओं तक पहुंचने का है जो टीबी के लिए उच्च जोखिम में हैं। इनमें बुजुर्ग, मधुमेह रोगी, गर्भवती महिलाएं, धूम्रपान करने वाले लोग, कुपोषण से प्रभावित व्यक्ति, और कई अन्य संवेदनशील समूह शामिल हैं।
कृपया ध्यान दें कि निम्नलिखित लोग इस श्रेणी में आते हैं:
- 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
- मधुमेह, दमा, गुर्दा रोग, और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोग
- टीबी रोगियों से संपर्क में रहे लोग
- जेल में बंद कैदी, वृद्धाश्रम और अनाथालय के निवासी
- अस्थायी आवास में रहने वाले श्रमिक, आदिवासी जनसंख्या, झुग्गी बस्ती के लोग, आदि।
निक्षय वाहन और जागरूकता
निक्षय वाहन को रवाना करना
उपायुक्त ने इस अभियान के दौरान निक्षय वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भेजा गया। इसके साथ ही, प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया ताकि लोगों को टीबी मुक्त अभियान के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।
सामाजिक दायित्व और सहयोग
भारत पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन ने सामाजिक दायित्व के तहत, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस एक अत्याधुनिक एक्स-रे मशीन उपायुक्त को दी। इस मशीन का उद्देश्य टीबी की शीघ्र पहचान करना है।
समारोह और सम्मानित व्यक्तित्व
इस अवसर पर टीबी चैंपियन सुनील कौंडल, संजीव चैधरी, बबीता और अंचिता कपूर को सम्मानित किया गया, जिन्होंने टीबी के साथ जीवन जीने के बावजूद जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा, रेड क्रॉस समिति के माध्यम से 50 टीबी रोगियों को पोषण किटें वितरित की गईं।
नुक्कड़ नाटक से जागरूकता फैलाना
कार्यक्रम की शुरुआत में त्रिगत वसुंधरा रंगमंच द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य टीबी के लक्षणों और उसकी जांच के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम में उपस्थित लोग
इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी, जिला टीबी कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश सूद, एसडीएम पालमपुर नेत्रा मेती, आयुक्त नगर निगम डॉ. आशीष शर्मा, और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के प्रतिनिधि विनूल कौल, परवीन कुमार, देवेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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