नूरपुर क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग उद्योग स्थापित करने की मांग तेज, सांसद ने केंद्र से उठाया मुद्दा
नूरपुर क्षेत्र में बढ़ती फल उत्पादन क्षमता को देखते हुए सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने संसद में फूड प्रोसेसिंग उद्योगों की स्थापना की महत्त्वपूर्ण मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती और किसानों को बेहतर आय का लाभ मिलेगा।
धर्मशाला
संसद में नियम 377 के तहत मुद्दा उठाया गया
कांगड़ा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि नूरपुर क्षेत्र बागवानी उत्पादन का प्रमुख केंद्र है और यहां आम, लीची, किंनू व अमरूद की पैदावार बड़े पैमाने पर होती है। इस कारण क्षेत्र फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए उपयुक्त संभावनाओं से भरा है। उन्होंने इस विषय को संसद में नियम 377 के तहत विस्तार से रखा।
नूरपुर—प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण फल उत्पादक क्षेत्र
सांसद ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में आम, लीची और अमरुद का सर्वाधिक उत्पादन कांगड़ा जिले में दर्ज किया जाता है, जबकि ऑफ-सीजन आम की सबसे अधिक पैदावार नूरपुर में होती है। उन्होंने कहा कि जिले का बड़ा हिस्सा फल उत्पादन पर आधारित है, और नूरपुर इसकी रीढ़ की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
फूड प्रोसेसिंग उद्योगों से किसानों की आय बढ़ेगी
डॉ. भारद्वाज ने कहा कि नूरपुर में फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगने से बागवानों को उनकी उपज का आकर्षक मूल्य मिलेगा। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और संपूर्ण क्षेत्र में आर्थिक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री से तत्काल कार्रवाई का अनुरोध
सांसद ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान से आग्रह किया है कि नूरपुर क्षेत्र की क्षमता और आवश्यकता को देखते हुए यहां फूड प्रोसेसिंग उद्योग स्थापित करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।