नेई-नेटी स्कूल में गूंजे सिरमौरी लोकगीत, आसरा के कलाकारों ने विद्यार्थियों को सिखाए लोक नृत्य के गुर
गुरु-शिष्य परंपरा के तहत आयोजित कार्यशाला में पद्मश्री विद्यानंद सरैक समेत लोक कलाकारों ने दिया प्रशिक्षण
हिमाचल नाऊ न्यूज राजगढ
राजगढ़ उपमंडल के राजकीय उच्च विद्यालय नेई-नेटी में एक अक्तूबर को लोक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ के तहत आसरा संस्था की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को सिरमौर की समृद्ध लोक संस्कृति, लोकगीत और लोक नृत्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
आसरा संस्था के प्रभारी एवं राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने बताया कि विद्यालयों में लोक संस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं से जोड़ने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षणात्मक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
इसी कड़ी में राजकीय उच्च विद्यालय नेई-नेटी को भी प्रशिक्षण के लिए शामिल किया गया है।कार्यशाला में आसरा संस्था के गुरु पद्मश्री विद्यानंद सरैक ने विद्यार्थियों को सिरमौरी लोक विधाओं और उनके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सिरमौरी नाटी की चारों विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया।
आसरा संस्था के वरिष्ठ लोक गायक रामलाल वर्मा ने विद्यार्थियों को लोकगीत गायन की बारीकियों से अवगत करवाया। वहीं उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित लोक कलाकार गोपाल हाब्बी ने लोक नृत्य प्रतियोगिताओं में गायन, नृत्य और वादन के बीच आवश्यक सामंजस्य के बारे में जानकारी दी।
सरोज और चमन ने विद्यार्थियों के समक्ष लोक नृत्य का प्रदर्शन कर उन्हें विभिन्न भाव-भंगिमाओं और पारंपरिक अंदाज से रूबरू करवाया।डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने सिरमौरी पारंपरिक परिधानों की मौलिकता, लोकगीतों की वास्तविकता तथा लोक नृत्य की पारंपरिक शैली एवं अंदाज के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्थानीय लोक संस्कृति, लोक नृत्यों, लोकगीतों और पारंपरिक कलाओं से जोड़ना है, ताकि इनका संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित किया जा सके।
विद्यालय के मुख्य अध्यापक सत्येंद्र सिंह कंवर ने भी विद्यार्थियों को स्थानीय क्षेत्र की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी। उन्होंने लोक संस्कृति को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने में इस तरह के आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर अध्यापक अविनेश चौहान, विवेक शर्मा, सुदर्शना देवी, रुमानी चौहान, श्वेता ठाकुर, निशा कुमारी, प्रिया कुमारी, अजय और नीलम कंवर सहित विद्यालय के विद्यार्थी मौजूद रहे।