नौणी विश्वविद्यालय का सब्जी केंद्र देश में सर्वश्रेष्ठ घोषित
विश्वविद्यालय ने देश के कुल 60 केंद्रों में से पाया पहला पुरस्कार
HNN/ सोलन
सब्जी फसलों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) के सोलन केंद्र को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा देश में सब्जियों पर ‘सर्वश्रेष्ठ केंद्र (2022)’ घोषित किया है।
यह पुरस्कार अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत सब्जियों पर अनुसंधान में केंद्र के उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया। देश में राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और आईसीएआर संस्थानों के 36 नियमित एआईसीआरपी केंद्र और 24 वालंटियर केंद्र हैं।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी का वनस्पति विज्ञान विभाग सब्जियों की फसलों पर सोलन एआईसीआरपी केंद्र चलाता है।
यह पुरस्कार शनिवार को श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कश्मीर में अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना की 41वीं वार्षिक समूह बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नज़ीर अहमद गनाई द्वारा नौणी विवि के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल की उपस्थिति में दिया गया।
इस तीन दिवसीय वार्षिक बैठक में आईसीएआर एडीजी बागबानी डा. सुधाकर पांडे सहित 300 से अधिक प्रतिनिधि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. टीके बेहरा सहित कई कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न संस्थानों के निदेशक, विभागाध्यक्ष, देश के वनस्पति वैज्ञानिक नवीनतम तकनीकों, अत्याधुनिक अनुसंधान व सब्जी की खेती में नवाचार पर चर्चा के लिए एकत्रित हुए हैं।
बैठक में नौणी विवि के सोलन केंद्र के वैज्ञानिक डा. रमेश भारद्वाज, डा. कुलदीप ठाकुर, डा. संदीप कंसल और डा. दिवेंदर मेहता, डा. राकेश कुमार भी भाग ले रहे हैं। केंद्र के प्रधान अन्वेषक डा. रमेश भारद्वाज ने बताया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान केंद्र ने गोभी, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, गाजर, मूली, चुकंदर, ककड़ी, मटर, बीन्स, लेट्यूस, टमाटर, चेरी टमाटर, प्याज आदि जैसी सब्जियों की कुल 553 जर्मप्लाज्म का संग्रह, मूल्यांकन और रखरखाव किया है।
वहीं कुल 109 वैरायटी परीक्षण, 38 हाइब्रिड परीक्षण, 11 प्रतिरोधी वैरायटी परीक्षण, नौ सब्जी उत्पादन खेती से संबंधित परीक्षण, 68 रोग, कीट प्रबंधन परीक्षण व 31 बीज संबंधित उत्पादन परीक्षण केंद्र द्वारा 14 सब्जियों की फसलों पर सफलतापूर्वक किए हैं।