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परिचालक की बेटी ने डॉक्टर बनकर साकार किया पिता का सपना

Ankita • 26 Nov 2023 • 1 Min Read

फॉरेंसिक साइंस में एमएससी कर बायोटेक्नोलॉजी में हासिल की डॉक्टर की उपाधि

HNN/ बद्दी

हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर राजिंदर प्रसाद निवासी बटेड़, बरोटीवाला की बेटी हेमलता कालिया (चारू) ने पीएचडी की डिग्री हासिल कर पिता के सपने को साकार किया है। दून हल्के के छोटे से गांव बटेड़ की हेमलता कालिया (चारू) ने बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी की डिग्री हासिल कर पूरे प्रदेश में दून हल्के का नाम रोशन किया है।

फॉरेंसिक साइंस में एमएससी करने के बाद चारू कालिया ने महाराज अग्रेसन यूनिवर्सिटी से बायोटेक्नोलोजी में डॉक्टर की उपाधि हासिल की। चारू ने यह मुकाम डॉक्टर शिव कुमार गिरी के सुपरविजन में हासिल किया। चारू कालिया एक साधारण परिवार से सम्बंध रखती हैं और उनके पिता परिचालक की नोकरी करने के उपरांत एचआरटीसी से बतौर इंस्पेक्टर सेवानिवृत्त हुए, जबकि उनकी माता ऊषा कालिया गृहणी हैं।

राजिंदर प्रसाद ने बताया के उन्होंने हमेशा बेटे से ज्यादा बेटी को तरज़ीह दी। उनका सिर्फ एक ही सपना था के उनकी बेटी खूब पढ़ लिखकर एक अलग मुकाम हासिल करे। हेमलता कालिया ने बताया कि इस उपलब्धि को हासिल करने में उनके माता पिता परिवार के साथ साथ गुरुजनों का अहम सहयोग है। जबकि उनके पति गगनदीप चौहान ने भी पूरी सपोर्ट की।

चारू ने कहा के उनके पिता का सपना साकार करने के लिए उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर दिन रात मेहनत की। भगवान ने भी उनकी मेहनत का फल देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वह भगवान के साथ साथ अपने परिवार व गुरूओं की भी शुक्राना अदा करती हैं। जिन सबके सहयोग से वह अपने पिता के सपने को साकार कर पाई।