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मुख्य अध्यापिका के भरोसे 75 बच्चों का स्कूल, पढ़ाई के साथ टॉयलेट सफाई की भी जिम्मेदारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 14 फ़रवरी 2026 at 5:49 pm

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जीपीएस भुवाई स्कूल में 75 विद्यार्थियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी एक ही मुख्य अध्यापिका निभा रही हैं। शिक्षण के साथ-साथ साफ-सफाई का कार्य भी उन्हें स्वयं करना पड़ रहा है।

नाहन/श्री रेणुका जी

एक शिक्षिका पर पूरी व्यवस्था का भार

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सरकार शिक्षा में सुधार और व्यवस्था परिवर्तन के बड़े दावे कर रही है, लेकिन श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र का जीपीएस भुवाई स्कूल जमीनी हकीकत की अलग तस्वीर पेश कर रहा है। करीब 75 बच्चों वाले इस स्कूल में पूरी व्यवस्था एक महिला सेंट्रल हेड टीचर के भरोसे चल रही है।

75 बच्चों की पढ़ाई अकेले संभाल रहीं मुख्य अध्यापिका

स्कूल में नामांकित लगभग 75 विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी अकेले मुख्य अध्यापिका निभा रही हैं। अलग-अलग कक्षाओं का संचालन, शैक्षणिक कार्य और रिकॉर्ड संधारण—सभी जिम्मेदारियां उन्हीं के कंधों पर हैं। ऐसे में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के दावों पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठ रहे हैं।

पढ़ाई के साथ सफाई का दायित्व भी

स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब पढ़ाई के साथ-साथ स्कूल के टॉयलेट की सफाई और झाड़ू लगाने का कार्य भी उन्हें ही करना पड़ रहा है। यानी एक ओर वे बच्चों को शिक्षा की अलख जगा रही हैं, तो दूसरी ओर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दायित्व भी स्वयं निभा रही हैं।

पांच अन्य स्कूलों की देखरेख भी जिम्मेदारी

विद्यालय के एसएमसी प्रधान वीरेंद्र ने बताया कि सेंट्रल हेड टीचर न केवल 75 बच्चों को पढ़ा रही हैं, बल्कि स्कूल की साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था भी खुद संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कूल के अंतर्गत आने वाले पांच अन्य प्राइमरी स्कूलों की देखरेख का दायित्व भी इसी शिक्षिका को निभाना पड़ रहा है।

विभागीय व्यवस्था पर उठे सवाल

उन्होंने कहा कि शिक्षिका अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रही हैं, लेकिन एक व्यक्ति पर शिक्षा, प्रशासन और सफाई—तीनों जिम्मेदारियां डालना विभागीय व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।

सेवानिवृत्ति के बाद और बढ़ेगी चुनौती

स्कूल में एक सामान्य अध्यापक भी कार्यरत है, जिसकी सेवानिवृत्ति अप्रैल माह में प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले समय में पूरा स्कूल पूरी तरह एक ही शिक्षिका के भरोसे रह जाने की आशंका है।

ग्रामीणों की अतिरिक्त नियुक्ति की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि 75 से अधिक बच्चों वाले स्कूल को एक शिक्षिका के सहारे चलाया जाना शिक्षा विभाग की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि विद्यालय में शीघ्र अतिरिक्त शिक्षक और सफाई कर्मचारी की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

विभाग का पक्ष

इस मामले में उपनिदेशक एलिमेंट्री शिक्षा विभाग, जिला सिरमौर राजीव ठाकुर ने कहा कि एसएमसी या स्कूल की ओर से उन्हें इस समस्या के संबंध में औपचारिक रूप से अवगत नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जैसे ही संबंधित स्कूल के लिए नियुक्ति की जाती है, व्यवस्था को सुचारु कर दिया।

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