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पुलिस लॉकअप में आरोपी ने की आत्महत्या: 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, न्यायिक जांच शुरू

Shailesh Saini 22 Jun 2025 Edited 23 Jun 1 min read

कालाअंब में चोरी के आरोपी ने कंबल के टुकड़े से लगाया फंदा; SP ने दिए विभागीय जांच के आदेश

हिमाचल नाऊ न्यूज़ कालाअंब, सिरमौर:

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कालाअंब पुलिस थाने में रविवार दोपहर बाद एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए अजय कुमार (36) नामक व्यक्ति ने पुलिस लॉकअप में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है, और तत्काल प्रभाव से जांच अधिकारी (IO) सहित दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक होमगार्ड जवान को बटालियन वापस भेज दिया गया है।

क्या पूरा मामला
नारायणगढ़, हरियाणा का निवासी अजय कुमार को शनिवार को कॉपर वायर चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रविवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

दोपहर करीब 3 बजे अजय को पुलिस लॉकअप में बंद किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 3 बजकर 50 मिनट पर, उसने कंबल के बॉर्डर का उपयोग कर फंदा लगा लिया।

प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि मृतक अजय कुमार नशे का आदी था और आशंका जताई जा रही है कि लॉकअप में नशा न मिलने के कारण वह अवसाद में चला गया और इसी वजह से उसने यह खौफनाक कदम उठाया। हालांकि, इन सभी पहलुओं की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी।

पुलिस विभाग पर उठे सवाल, त्वरित कार्रवाई
इस घटना ने पुलिस हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि घटना की सूचना तुरंत न्यायिक मजिस्ट्रेट और मानवाधिकार आयोग को दे दी गई थी।

सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) के स्तर पर न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है, ताकि मामले की निष्पक्षता से पड़ताल की जा सके।
एसपी नेगी ने बताया कि इस मामले में पुलिस थाना कालाअंब के मुंशी और जांच अधिकारी (IO) को निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान को भी ड्यूटी से हटाकर उसकी बटालियन वापस भेज दिया गया है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाया है। फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही मृतक अजय के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। एसपी नेगी ने बताया कि मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए जा रहे हैं, और जल्द ही एक जांच अधिकारी नियुक्त किया जाएगा जो इस पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल करेगा।

बरहाल इस घटना ने पुलिस विभाग को अपनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है।