पेंशनरों के अधिकारों की लड़ाई तेज़ / 14 अक्तूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन

पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट की सोलन बैठक में एरियर और लंबित डीए को लेकर उठी आवाज़

सोलन।

हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट की जिला स्तरीय बैठक सोमवार को सोलन के चमकड़ी पुल में प्रदेश अध्यक्ष आत्माराम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने भाग लेते हुए पेंशनरों के बकाया भुगतान, चिकित्सा बिलों और लंबित डीए की तत्काल रिहाई की मांग की।

जायज मांगों की अनदेखी पर जताई नाराज़गी
बैठक का शुभारंभ वंदे मातरम के साथ हुआ और प्राकृतिक आपदाओं व संगठन के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। महासचिव हुकम सिंह ठाकुर ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। इस दौरान वक्ताओं के.डी. शर्मा, जगदीश दिनेश, विजय भारद्वाज, लेख राम कोंडल, हरीश शर्मा, जवाहर लाल घोलता, शेमशेर बोध, ओंकार चौहान, रोशन लाल वर्मा, रोशन लाल कपूर, अश्वनी शर्मा, जगदीश नड्डा, संत राम शांडिल और रविदत्त भारद्वाज ने सरकार की नीतियों पर रोष जताया।
सदस्यों ने कहा कि 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के एरियर का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। साथ ही, 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता और चिकित्सा बिलों के भुगतान में भी सरकार ने देरी की है, जिससे पेंशनरों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

14 अक्तूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर होगा धरना
फ्रंट के अध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते पेंशनरों को बार-बार सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने घोषणा की कि 14 अक्तूबर, 2025 को राज्यभर के सभी जिला मुख्यालयों पर पेंशनर्स एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने बताया कि इसके बाद मुख्यमंत्री को संबंधित जिलाधीशों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जाएंगे। शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस बार भी सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।