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पेपर लीक मामले में भंग कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर गिरफ्तार

Ankita • 5 Apr 2023 • 1 Min Read

HNN/ शिमला

हिमाचल प्रदेश में जूनियर असिस्टेंट (आईटी) के पेपर लीक केस में अब तक सबसे बड़ी कार्यवाही हुई है। बता दें विजिलेंस टीम ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सचिव और एचएएस अधिकारी जितेंद्र कंवर को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को लंबी पूछताछ के बाद आरोपी अफसर को विजिलेंस टीम ने अरेस्ट कर लिया।

आज बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, जितेंद्र कंवर से विजिलेंस टीम पिछले कई दिन से लगातार पूछताछ कर रही थी। अधिकारी के गिरफ्तारी के प्रयास कई दिनों से लगाए जा रहे थे। सरकार की तरफ से पूर्व सचिव के खिलाफ अभियोग चलाने की 1 मार्च को मंजूरी दी गई थ।

इसके बाद अधिकारी को पेपर लीक प्रकरण में जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट (पोस्ट कोड 965) मामले में दर्ज एफआईआर में नामजद किया गया। इस मामले की जांच में अधिकारी के खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता सबूत विजिलेंस को मिले हैं। ऐसे में 6 साल तक आयोग के सचिव रहे जितेंद्र कंवर को अब जेल की हवा खानी पड़ेगी।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की 25 दिसंबर को होने वाली पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती की लिखित परीक्षा से दो दिन पहले पेपर लीक हो गया था। इस कारण जेओए आईटी की परीक्षा रद्द कर दी गई थी। पेपर लीक मामले में 23 दिसंबर 2022 को पहला मामला दर्ज हुआ था।

अगले दिन 24 दिसंबर को आयोग की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद व उनके दो बेटे निखिल आजाद व नितिन आजाद सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। जिस महिला उमा आजाद पर पेपर लीक करने का आरोप है, वह चयन आयोग की गोपनीय शाखा में वरिष्ठ सहायक के पद पर लंबे समय से कार्यरत थी।

एक अभ्यर्थी की शिकायत पर विजिलेंस ने महिला और उसके बेटे समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था। विजिलेंस ने 28 दिसंबर को जूनियर एडिटर, कंप्यूटर आपरेटर भर्ती पेपर लीक मामले में दूसरा मामला दर्ज किया था। 31 दिसंबर को दलाल संजीव के भाई शाशिपाल को गिरफ्तार किया गया।