प्रदेश में एस्ट्रो टूरिज्म से पर्यटन को व्यापक स्तर पर दिया जा रहा प्रोत्साहन
सरकार के प्रयासों से सीमा पर्यटन गतिविधियों को मिला बढ़ावा
शिमला – हिमाचल प्रदेश में पर्यटन के विविध आयामों को विस्तार देने की दिशा में राज्य सरकार नई पहल कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लाहौल-स्पीति के काजा में स्टार गेजिंग सुविधा का शुभारंभ किया है। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
स्पीति बनेगा एस्ट्रो-टूरिज्म हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीति का स्वच्छ वातावरण खगोल पर्यटन और स्टार गेजिंग के लिए सर्वोत्तम है। स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय कम्प्यूटरीकृत दूरबीन उपलब्ध करवाई गई है ताकि वे पर्यटकों को तारामंडल की झलक दिखा सकें। काजा, लांगजा और रंगरिक क्षेत्रों के लोग इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आगे आ रहे हैं। लाभार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
अनछुए गंतव्यों को मिलेगा बढ़ावा
स्पीति के लांगजा गांव को जीवाश्म गांव भी कहा जाता है। यहां मिले पुरातन जीवाश्म और धार्मिक मान्यताओं के कारण यह क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। नई पहल से शोधकर्ताओं, खगोलविदों और पर्यटकों को विज्ञान और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। इससे स्थानीय होम-स्टे और होटल कारोबारियों को भी लाभ होगा। जुलाई 2025 तक स्पीति और लांगजा में 1,58,580 देशी और 4,570 विदेशी पर्यटक पहुंचे।
सीमा पर्यटन को भी मिल रहा सहारा
प्रदेश सरकार सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों में भी सक्रिय है। भारत और चीन ने शिपकी-ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने पर सहमति जताई है। साथ ही लिपुलेख, शिपकी-ला और नाथू-ला से सीमा व्यापार को दोबारा खोलने की तैयारी है। राज्य सरकार इस पहल को लेकर केंद्र से कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने का आग्रह करेगी।