प्रदेश में लंपी वायरस से अभी भी हज़ारों पशु ग्रस्त, 11080 गवां चुके जान
HNN/ शिमला
हिमाचल प्रदेश में लंपी वायरस का प्रकोप अभी पूरी तरह से थमा नहीं है। अभी भी प्रदेश में लंपी वायरस के मामले सामने आ रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में पिछले साल अगस्त माह में पशुओं के संक्रमित होने का सिलसिला शुरू हुआ था जो कि अभी तक निरंतर जारी है। पिछले साल बड़ी संख्या में मवेशियों ने इस रोग की चपेट में आने से अपनी जान गवाई थी।
बता दें कि यह बीमारी एक संक्रामक रोग विषाणु जनित बीमारी है। इस रोग का संचरण/ फैलाव/ प्रसार पशुओ में मक्खी, चिचडी एंव मच्छरों के काटने से होता है। इस बीमारी से संक्रमित पशुओ में हल्का बुखार हो जाता है। पूरे शरीर पर जगह-जगह नोड्यूल/ गांठे उभर आती है।
बता दें कि प्रदेश में अभी भी लंपी वायरस के 8002 एक्टिव केस हैं जबकि 11080 अपनी जान गवां चुके हैं। उधर, अस्पतालों और पशु डिस्पेंसरियों में दवा lका पर्याप्त कोटा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पशुओं के लंपी वायरस की चपेट में आने के बाद किसान दूध के पैसे से बाजार से महंगी दवा और इंजेक्शन खरीदने को मजबूर है।