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प्रदेश में 6 ग्रीन कॉरिडोर विकसित , 500 ई-टैक्सियां होंगी सरकारी बेड़े में शामिल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 9 Apr 2025 • 1 Min Read

प्रदेश में 6 ग्रीन कॉरिडोर और 4997 इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ हरित परिवहन की ओर बढ़ा हिमाचल, 90 पेट्रोल पंपों पर लगेंगे चार्जिंग स्टेशन

शिमला

ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर सरकार का जोर
प्रदेश सरकार हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए तेजी से इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रही है। अब तक प्रदेश में 6 ग्रीन कॉरिडोर विकसित किए जा चुके हैं और 402 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना है।

प्रमुख सरकारी परिसरों में लगेंगे चार्जिंग स्टेशन
इन स्थानों में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह (252), जल शक्ति विभाग (19), बिजली बोर्ड परिसर (18), वन विभाग (100), उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर (12) तथा बीबीएनडीए कार्यालय (1) शामिल हैं।

प्रदेश में 4997 ईवी हो चुके हैं पंजीकृत
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में अब तक 4997 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत किए जा चुके हैं। साथ ही ई-टैक्सी योजना के तहत 500 ई-टैक्सियों को विभिन्न विभागों में शामिल किया जा रहा है।

अन्य राज्यों से आ रही ई-बसें और टैक्सियां भी सहयोगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्य राज्यों से आने वाली ई-बसें और ई-टैक्सियां भी प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण में सहायक हो रही हैं, जिससे ईवी चार्जिंग नेटवर्क की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।

90 पेट्रोल पंपों पर लगेंगे नए चार्जिंग स्टेशन
प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 90 पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में विभिन्न पंपों पर 23 चार्जिंग स्टेशन पहले ही क्रियाशील हैं।

पर्यटन निगम और इंडियन ऑयल का संयुक्त प्रयास
हिमाचल पर्यटन विकास निगम द्वारा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सहयोग से अपने 65 होटलों में चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य है, जिनमें पहले चरण में 11 होटलों को चयनित किया जा चुका है। निजी होटलों में 44 चार्जिंग स्टेशन पहले ही स्थापित हो चुके हैं।

सड़क किनारे सुविधाओं के लिए चिन्हित हुए स्थान
चार्जिंग स्टेशनों के साथ-साथ सड़क किनारे अन्य सुविधाएं विकसित करने के लिए 46 सरकारी स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

हिमाचल को बनेगा हरित परिवहन का मॉडल राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी प्रयास सतत् पर्यावरणीय विकास की दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं और सरकार हिमाचल प्रदेश को इलेक्ट्रिक परिवहन का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।