ईपीएफओ के बद्दी कार्यालय के क्षेत्रीय आयुक्त रवि आनंद, प्रवर्तन अधिकारी मदन लाल भट्टी और प्राइवेट कंसल्टेंट संजय कुमार को अब कैथू जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। शुक्रवार को तीनों आरोपियों को जिला अदालत चक्कर में पेश किया जाएगा। पढ़ें पूरा मामला…
आरोपियों को कैथू जेल शिफ्ट किया गया
दस लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के बद्दी कार्यालय के क्षेत्रीय आयुक्त रवि आनंद, प्रवर्तन अधिकारी मदन लाल भट्टी और प्राइवेट कंसल्टेंट संजय कुमार को अब कैथू जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। इन तीनों आरोपियों को शुक्रवार को जिला अदालत चक्कर में पेश किया जाएगा, जहां सीबीआई अधिकारी इनका पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग करेंगे।
सीबीआई की जांच और संपत्ति का पता चला
सीबीआई की जांच में पता चला है कि इन आरोपियों की दिल्ली और उत्तर प्रदेश में संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और आरोपियों के रिश्तेदारों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
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सीबीआई की गिरफ्तारी और रिमांड
आरोपियों की गिरफ्तारी
सीबीआई ने 9 दिन पहले रवि आनंद, मदन लाल भट्टी और संजय कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ये तीनों आरोप रिमांड पर चल रहे हैं।
सीबीआई की पूछताछ और कबूलनामा
सीबीआई का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। हालांकि, आरोपियों ने 10 लाख रुपये की रिश्वत की बात स्वीकार कर ली है। सीबीआई इस मामले की गहराई से जांच करना चाहती है, जिससे रिमांड की अवधि को बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
वित्तीय जांच और ट्रांजेक्शन की जांच
बैंक खाते सील
सीबीआई ने इन आरोपियों के बैंक खाते सील कर दिए हैं। अब इन खातों के माध्यम से वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। आरोपियों के खातों में कब और कितनी ट्रांजेक्शन हुई, इसकी भी गहराई से जांच की जा रही है।
सीबीआई की अगली कदम
सीबीआई का उद्देश्य सिर्फ आरोपियों से पूछताछ करना नहीं, बल्कि उनके सम्पत्ति और वित्तीय लेन-देन के पूरे नेटवर्क का खुलासा करना है, ताकि रिश्वत के इस बड़े मामले की तह तक पहुंचा जा सके।
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