बरसात से सिरमौर के अदरक को 24.50 करोड़ का नुकसान: 25% फसल हुई बर्बाद
जिला में 1867 हेक्टेयर में होता है 1.96 लाख क्विंटल अदरक का उत्पादन, 98 करोड़ से अधिक की होती है कमाई ।
सिरमौर जिला, जो उत्तर भारत में अदरक उत्पादन का केंद्र माना जाता है, इस बार भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुआ। किसानों की 25% अदरक फसल बर्बाद होने से 24.50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया।
सिरमौर
उत्तर भारत में सबसे ज़्यादा और उत्तम किस्म का अदरक उत्पादन करने वाले जिला सिरमौर को इस बार भारी बारिश से करोड़ों का नुकसान हुआ है। जिला में कुल उत्पादित होने वाले अदरक को करीब 25 फीसदी की क्षति उठानी पड़ी है। सिरमौर जिला में 1867 हेक्टेयर भूमि पर अदरक का उत्पादन किया जाता है, जहाँ हर वर्ष करीब 1,96,000 क्विंटल अदरक का उत्पादन होता है।
भारी बारिश के चलते अदरक को ‘राइजोम रोट’ नामक बीमारी ने बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे 25 फ़ीसदी तक नुकसान हुआ है। सिरमौर जिला जहाँ हर वर्ष 98 करोड़ रुपए का अदरक बेचता था, वहीं इस बार बारिश के कारण किसानों को 24 करोड़ 50 लाख से अधिक का सीधा नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों को हुए इस भारी नुकसान ने उनकी आर्थिक कमर तोड़ कर रख दी है।
वही, जिला सिरमौर में अन्य सब्जियों व मसालों (स्पाइसेज) के उत्पादन पर भी मौसम की भारी मार पड़ी है। उपनिदेशक के अनुसार इस नुकसान का आंकड़ा ₹59 लाख तक गया है।
बताना ज़रूरी है कि जिला सिरमौर के अदरक की माँग देशभर में सबसे ज़्यादा रहती है, वहीं यहाँ के अदरक से बनाई गई सौंठ की माँग विदेशों में भी काफ़ी ज़्यादा है। मार्केट में सिरमौर में उत्पादित होने वाले अदरक की कीमत ₹5000 प्रति क्विंटल के हिसाब से रहती है, जबकि खुले बाज़ार में यह ₹10,000 प्रति क्विंटल से भी ज़्यादा रेट पर बिकता है।
जिला सिरमौर कृषि विभाग ने बरसात के बाद अदरक व अन्य फसलों को हुए नुकसान का आकलन लगभग तैयार कर लिया है और विभाग द्वारा हुए नुकसान की रिपोर्ट सरकार को प्रेषित (भेजी) भी जा चुकी है।
उधर, कृषि उपनिदेशक जिला सिरमौर राजकुमार ने बताया कि जिला सिरमौर में 1,96,000 क्विंटल अदरक का उत्पादन होता है। करीब ₹98 करोड़ का अदरक जिला सिरमौर हर वर्ष बेचता है, मगर इस बार बारिश के चलते जिला के किसानों को ₹24 करोड़ 50 लाख से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर के कुल उत्पादन होने वाले अदरक को 25 फ़ीसदी का नुकसान उठाना पड़ा है।