HNN/ ऊना
हिमाचल प्रदेश में बारिश न होने के कारण फसलों पर संकट के बादल मंडराने लग पड़े हैं। आलम यह है कि जिला में 2 माह से बारिश न होने के कारण सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। एक तरफ जहां जल स्तोत्र घट गए हैं तो वहीं दूसरी तरफ फसलें भी खराब होने की कगार पर आ चुकी है। ऐसे में जो किसान खेती -बाड़ी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं उनकी मुसीबतें लगातार बढ़ती ही जा रही है।
बता दें कि जिले में करीब दो माह से बारिश नहीं हुई है जिससे गेहूं की फसल पीली पड़ रही है। ऐसे में जिला में 50 प्रतिशत गेहूं की फसल खराब होने की कगार पर है। हालांकि जहां सिंचाई सुविधा है वहां किसान जैसे-तैसे फसल को बचा रहे हैं परन्तु जो किसान बारिश पर ही निर्भर रहते हैं उनकी फसलें तबाह होने की कगार पर खड़ी है।
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उधर, जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि बारिश न होने से गेहूं की फसल पीली पड़ रही है। बंगाणा जैसे क्षेत्रों में गेहूं की फसल अधिक प्रभावित है। अगर जल्द बारिश होती है तो गेहूं की रुकी हुई वृद्धि दोबारा रफ्तार पकड़ लेगी और फसल में आ रहा पीलापन भी दूर हो जाएगा।
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