Loading...

बारिश न होने से गेहूं की 30 प्रतिशत फसल खराब

SAPNA THAKUR • 23 Dec 2022 • 1 Min Read

HNN/ ऊना

जिला में बारिश ना होने के कारण फसलें तबाह होने लग पड़ी है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। आलम यह है कि दिसंबर माह में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इतना ही नहीं जल स्तोत्र भी सूखने की कगार पर आ गए हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। जिले के गैर सिंचित क्षेत्रों में गेहूं की 30 प्रतिशत फसल खराब हो गई है।

बारिश न होने के कारण जिले के बंगाणा, लठियाणी, जोल, अंब, गगरेट के ऊपरी क्षेत्रों में फसलें प्रभावित होने लगी है। जिला में डेढ़ महीने से बारिश नहीं हुई है जिससे गेहूं का बीज अंकुरित ही नहीं हो पाया। इतना ही नहीं कई स्थानों पर जहाँ फसलें अंकुरित हुई है वह भी पानी की कमी के कारण पीली पड़ने लगी है।

बता दें, जिले में 30000 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर गेहूं की फसल तैयार होती है। 65 प्रतिशत क्षेत्र में फसल बारिश पर ही निर्भर है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था नहीं है उन क्षेत्रों में फसलें खराब हो चुकी है जबकि जिन क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था है वह किसान अपनी फसलों को बचाने में लगे हुए हैं।