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बारिश न होने से फसलों पर संकट, किसान-बागवान चिंतित

SAPNA THAKUR • 20 Dec 2022 • 1 Min Read

HNN/ शिमला

हिमाचल प्रदेश में कई महीने बीत जाने के बावजूद भी बारिश न होने से फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। आलम यह है कि दिसंबर माह में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इतना ही नहीं जल स्तोत्र भी सूखने की कगार पर आ गए हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

ना केवल किसान बल्कि प्रदेश के बागवान भी इस स्थिति से गुजर रहे हैं। सूखे के कारण बागवान बगीचों में तोलिएं बनाने व सेब की कांट-छांट का काम नहीं कर पा रहे हैं। बता दें, दिसंबर में 97 फीसदी कम बारिश हुई है। लंबे ड्राई स्पैल की वजह से किसान गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहा है। जिन किसानों ने सिंचाई करके गेहूं की बुआई कर दी थी, उनकी जमीन में नमी नहीं होने से अंकुर नहीं फूट पा रहे हैं।

किसान फूलगोभी, मटर इत्यादि नगदी फसलों की रोपाई भी नहीं कर पा रहे हैं। आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना ना के बराबर ही जताई जा रही है। किसानों और बागवानों की मानें तो अगर जल्द ही बारिश नहीं हुई तो उन्हें नुक्सान उठाना पड़ सकता है।