बालिकाओं के प्रति जनचेतना जागृत करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अहम- मुकेश रेपसवाल
बोर्ड परीक्षाओं में मेरिट हासिल करने वाली 10 बच्चियां की सम्मानित
HNN/चंबा
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि बालिकाओं के प्रति परिवार और समाज में जनचेतना जागृत करने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी अहम भूमिका निभा सकती हैं। उपायुक्त अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर बाल देखभाल संस्थान मैहला में आयोजित ज़िला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।

मुकेश रेपसवाल ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बेटे और बेटियों में भेदभाव रहित व्यवस्था सुनिश्चित बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं द्वारा बालिकाओं के प्रति सकारात्मक परिवर्तन लाकर छोटे-बड़े भेदभाव को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से परिवार और समाज में जनचेतना जागृत करने में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आग्रह किया।
उन्होंने साथ में यह भी कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में अपना व्यवसाय चुन सकती हैं। हमारे सामने आज का अनगिनत ऐसे उदाहरण हैं जो यह साबित करते हैं कि महिलाएं हरेक क्षेत्र में अपना बेहतरीन प्रदर्शन दे रही हैं। उन्होंने सफल महिलाओं का उदाहरण देते हुए उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान भी किया।
उपायुक्त ने इस दौरान बेटी है अनमोल योजना के तहत 20 लाभार्थियों को 21 हजार राशि की एफडीआर वितरित की तथा ज़िला में 10 वीं तथा 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में मेरिट हासिल करने वाली 10 बच्चियों को 6 हजार की राशि का चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इससे पहले उपायुक्त को ज़िला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास राकेश चौधरी ने विभाग की ओर से सम्मानित किया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी अनुराधा कुमारी ने विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा लोक संस्कृति परआधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। लिंग भेद पर आधारित लघु नाटिका को खूब सराहा गया।