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बिलासपुर में बैंक लॉकर से 40 तोले सोना गायब, विदेश से लौटी महिला ने उठाए सवाल

PRIYANKA THAKUR 25 Mar 2026 Edited 25 Mar 1 min read

Himachalnow / बिलासपुर

बिलासपुर में बैंक लॉकर से सोना गायब होने का मामला सामने आया है, जिसमें करीब 40 तोले आभूषण नहीं मिलने की बात कही गई है। महिला द्वारा लंबे समय बाद लॉकर की जांच करने पर यह स्थिति सामने आई, जिसके बाद मामले को लेकर बैंक प्रबंधन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। लॉकर संयुक्त खाते के तहत संचालित था और पहले नियमित रूप से उपयोग में लाया जाता रहा है, जबकि अब संबंधित तथ्यों की पुष्टि के लिए जानकारी एकत्र की जा रही है।

बिलासपुर

बैंक लॉकर से सोना गायब होने का मामला

जिला मुख्यालय बिलासपुर में एक बैंक लॉकर से सोने के आभूषण गायब होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार रोड़ा सेक्टर निवासी प्रीति गुप्ता का अपने पिता के साथ संयुक्त बैंक खाता था, जिसके साथ लॉकर सुविधा भी ली गई थी। महिला के अनुसार लॉकर में करीब 40 तोले सोने के आभूषण रखे गए थे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। यह मामला तब सामने आया जब लंबे समय बाद लॉकर की जांच की गई और उसमें कोई आभूषण नहीं मिला।

लंबे अंतराल के बाद लॉकर खोलने पर स्थिति स्पष्ट हुई

महिला विदेश में निवास कर रही थी और लगभग तीन वर्ष बाद बिलासपुर लौटने पर बैंक पहुंची। लॉकर खोलने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब अंदर की सामग्री देखी गई तो उसमें कोई आभूषण नहीं पाया गया। बताया गया है कि महिला के पिता, जो संयुक्त खाताधारक थे, अपने जीवनकाल में समय-समय पर बैंक जाकर लॉकर का उपयोग करते थे। उनके निधन के बाद लंबे समय तक लॉकर का उपयोग नहीं हुआ और जब दोबारा इसे खोला गया तो सामग्री नहीं मिली।

बैंक प्रबंधन की प्रक्रिया और पक्ष

बैंक प्रबंधन के अनुसार लॉकर संचालन दो चाबियों के माध्यम से किया जाता है, जिसमें एक चाबी बैंक और दूसरी खाताधारक के पास रहती है। बैंक का कहना है कि लॉकर में रखी गई सामग्री का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड बैंक के पास उपलब्ध नहीं होता और यह पूरी तरह खाताधारक के दावे पर निर्भर करता है। इस मामले में संबंधित महिला से बातचीत की गई है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।

जांच प्रक्रिया जारी

बैंक की ओर से बताया गया है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है और आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है। जांच के दौरान लॉकर संचालन, एक्सेस रिकॉर्ड और अन्य संबंधित बिंदुओं की समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लॉकर में रखी गई सामग्री के संबंध में क्या स्थिति रही है और आगे की कार्रवाई उसी आधार पर तय की जाएगी।