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बुजुर्ग सेहतमंद जिंदगी गुजारें, बताएंगी पैलिएटिव और एल्डर्ली केयर टीमें

PARUL | 3 सितंबर 2024 at 6:40 pm

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तैयार किए गए टी.ओ.टी., सी.एच.ओ. व आशा कार्यकर्ताओं को भी दी जाएगी ट्रैनिंग

HNN/नाहन

जिला सिरमौर में बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें न हो। इसके लिए सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग द्वारा पैलिएटिव और एल्डर्ली केयर प्रदान की जा रही है। इसके लिए विभाग की ओर से टी.ओ.टी. (ट्रैनर ऑफ ट्रैनर्स) तैयार किए गए हैं। यह इन बताएंगे कि सेहतमंद जिदगी कैसे बिताई जाए। टी.ओ.टी. को विभाग द्वारा बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया है। यह टी.ओ.टी. अपने-अपने स्वास्थ्य खंडों में केयर टीमों का गठन कर उन्हें प्रशिक्षण देंगे। इसके अलावा चिकित्सक, सी.एच.ओ. और आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे, जो इन केयर टीमों का हिस्सा बनेंगे।सरकार और स्वास्थ्य विभाग की इस मुहिम से बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को राहत मिलेगी।
पैलिएटिव केयर का मकसद न तो मौत को नज़दीक लाना है और न ही उसे टालना. बल्कि, इसका ध्यान जितना हो सके, उतना अच्छा और लंबा जीवन जीने पर रहता है। पैलिएटिव केयर में रोगी की ज़रूरतों पर ध्यान दिया जाता है, न कि उसके पूर्वानुमान पर। यह किसी भी उम्र में और किसी भी गंभीर बीमारी के किसी भी चरण में दी जा सकती है। पैलिएटिव केयर में रोगी के परिवार और देखभालकर्ताओं को भी भावनात्मक और व्यावहारिक मदद दी जाती है। पैलिएटिव केयर में किसी भी आयु को बच्चा व्यक्ति शामिल हो सकता है, जबकि एल्डर्ली केयर में बुजुर्ग शामिल होते हैं।

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बॉक्स : पैलिएटिव और एल्डर्ली केयर टीम

पैलिएटिव और एल्डर्ली केयर टीमों में विभिन्न स्वास्थ्य और सामाजिक सहायता, व्यवसायों और पृष्ठभूमियों के लोग शामिल हो सकते हैं। इनमें डॉक्टर्स, नर्सें, सम्बद्ध स्वास्थ्य कर्मचारी (प्रोफेशनल्स), सामाजिक कार्यकर्ता, फार्मासिस्ट, फिज़ियोथैरेपिस्ट, आकुपेशनल और स्पीच चिकित्सक, साइकोलोजिस्ट, आहार विशेषज्ञ, आध्यात्मिक, पास्टरल मार्गदर्शक और पैलिएटिव केयर में प्रशिक्षित स्वयं सेवक शामिल हाे सकते हैं।

पक्ष : तैयार किए जा रहे टी.ओ.टी. : सी.एम.ओ.

सी.एम.ओ. डॉ. अजय पाठक ने बताया कि सिरमौर जिला में बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को पैलिएटिव और एल्डर्ली केयर दी जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से टी.ओ.टी. तैयार किए जा रहे हैं। ये टी.ओ.टी. ब्लॉक स्तर पर ट्रैनिंग देंगे। इसके बाद ये केयर टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में बुजुर्गो और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों की देखभाल करेंगे। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज का मुख्य हिस्सा है। उन्हें जीवन की मुख्यधारा से जोड़े रखने के लिए विभाग की ओर से यह केयर सुविधा दी जा रही है।

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