बैकयार्ड पोल्ट्री योजना से ग्रामीणों को घर बैठे रोजगार, सिरमौर सहित कई जिलों में बढ़ी आय
प्रदेश सरकार की बैकयार्ड पोल्ट्री योजना ग्रामीण परिवारों के लिए आय का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इस योजना से सिरमौर सहित कई जिलों में लोगों को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं।
सिरमौर/नाहन
ग्रामीण परिवारों के लिए आय का नया माध्यम
प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालन विभाग के माध्यम से लागू की गई बैकयार्ड पोल्ट्री योजना ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए आय का सशक्त माध्यम बन रही है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिला सिरमौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कम लागत में बढ़ रही आय
बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत लाभार्थियों को कम लागत में पोल्ट्री पालन का अवसर मिलता है, जिससे परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। यह योजना न केवल रोजगार उपलब्ध करा रही है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही है।
लाभार्थियों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
मुकेश, प्रदीप कुमार और उर्वशी जैसे लाभार्थियों ने बताया कि इस योजना से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मुकेश ने बताया कि वह नाहन हैचरी से हर हैच में 200 से 250 चूजे प्राप्त करते हैं और इनसे प्राप्त अंडों की बिक्री से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।
परिवार की आय बढ़ाने में मददगार
सराहां निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने भी नाहन हैचरी से चूजे प्राप्त किए हैं और उनके परिवार के सदस्य मिलकर पोल्ट्री पालन कर रहे हैं। इससे परिवार की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। वहीं पांवटा साहिब की उर्वशी ने बताया कि इस योजना से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
कई जिलों में चूजों का वितरण
बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के अंतर्गत नाहन हैचरी से सिरमौर, सोलन, ऊना, किन्नौर और शिमला जिलों में चूजों का वितरण किया जा रहा है। एक वर्ष में लगभग दो लाख एक दिवसीय चूजों के वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
पोल्ट्री उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
पोल्ट्री उत्पादन को मजबूत बनाने के लिए लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से नई मॉडल हैचरी का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही मुर्गी पालकों को वैज्ञानिक तरीके से पोल्ट्री पालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पोल्ट्री उत्पादन लगातार बढ़ रहा है।